रायला/आसींद: आयुर्वेद के गौरव की पुनर्स्थापना, पूर्व राज्यपाल बदनोर और वैद्य हंसराज चोधरी के बीच स्वास्थ्य नवाचारों पर गहरा मंथन
रायला (भीलवाड़ा) में पूर्व राज्यपाल वीपी सिंह बदनोर और श्रीनवग्रह आश्रम के अध्यक्ष वैद्य हंसराज चोधरी के बीच आयुर्वेद की बढ़ती महत्ता पर सार्थक चर्चा हुई। नवग्रह वेलनेस के लिए सरकार के साथ हुए एमओयू से अब प्रदेशवासियों को विश्वस्तरीय प्राकृतिक चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी। जानिए कैसे यह मुलाकात राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े बदलाव का संकेत है।

रायला/आसींद। बदलते दौर की भागदौड़ भरी जीवनशैली और उभरती स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच सनातन चिकित्सा पद्धति 'आयुर्वेद' एक बार फिर मानवता के लिए संजीवनी बनकर उभरी है। इसी संदर्भ में सोमवार को पंजाब के पूर्व राज्यपाल वीपी सिंह बदनोर ने श्रीनवग्रह आश्रम सेवा संस्थान के अध्यक्ष वैद्य हंसराज चोधरी से एक विशेष शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात मात्र एक औपचारिक मिलन न रहकर, जनस्वास्थ्य और आयुर्वेद की वैश्विक प्रासंगिकता पर केंद्रित एक सार्थक विमर्श में तब्दील हो गई, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में एक नए अध्याय की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
चर्चा के दौरान पूर्व राज्यपाल वीपी सिंह बदनोर और वैद्य हंसराज चोधरी ने समकालीन स्वास्थ्य संकटों और जीवनशैली से उत्पन्न होने वाले असाध्य रोगों पर विस्तृत मंथन किया। इस अवसर पर वैद्य हंसराज चोधरी ने संस्थान द्वारा रचित एवं प्रकाशित दो अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ, ‘आयुष्मान भव’ और ‘स्वास्थ्य की रसोई’, पूर्व राज्यपाल को सादर भेंट किए। ये पुस्तकें न केवल आयुर्वेदिक जीवनशैली के सिद्धांतों को रेखांकित करती हैं, बल्कि संतुलित आहार और घरेलू उपचारों के माध्यम से आरोग्य प्राप्ति के सुगम मार्ग भी प्रशस्त करती हैं।
संवाद को आगे बढ़ाते हुए पूर्व राज्यपाल वीपी सिंह बदनोर ने कहा कि विगत चार वर्षों में भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति के प्रति जनमानस का विश्वास अभूतपूर्व रूप से बढ़ा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने आयुष मंत्रालय के माध्यम से आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी को मुख्यधारा में लाने के जो भगीरथ प्रयास किए हैं, वे आज धरातल पर दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि आधुनिक समय में आयुर्वेद की उपादेयता केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूर्ण कल्याण (वेलनेस) का एक सशक्त माध्यम बन चुकी है।
इस महत्वपूर्ण विमर्श के बीच एक बड़ी उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए वैद्य हंसराज चोधरी ने 'नवग्रह वेलनेस' के संचालन की आधिकारिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार के मध्य एक महत्वपूर्ण एमओयू (MOU) संपन्न हो चुका है। नवग्रह वेलनेस का यह प्रकल्प भीलवाड़ा जिले सहित संपूर्ण राजस्थान के लिए वरदान सिद्ध होगा, जहां नागरिकों को एक ही छत के नीचे समग्र, प्राकृतिक और प्रामाणिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। यह मुलाकात प्रदेश में आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार और जन-जन तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने की दिशा में एक क्रांतिकारी और दूरगामी कदम माना जा रहा है।

