ओजस्वी वाणी और क्रांतिकारी प्रवचनों से देशभर में विशिष्ट पहचान बनाने वाले प्रख्यात राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पूज्य गुरूदेव पुलकसागरजी म.सा. के भीलवाड़ा शहर में प्रथम चातुर्मासिक मंगल प्रवेश के अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। गुरूदेव के स्वागत में भीलवाड़ावासियों ने पलक पावड़े बिछा दिए, वहीं आसमान से बरसते मेघों ने भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं किया। श्रद्धालुओं ने इसे गुरूदेव की अगवानी में इन्द्रदेव द्वारा अमृत वर्षा के रूप में देखा।

दिगम्बर जैन समाज के साथ सर्व समाज के लोग भी गुरूदेव पुलकसागरजी महाराज सहित छह संत एवं तीन क्षुल्लिका के ससंघ मंगल प्रवेश में शामिल हुए। बारिश के बीच भी श्रद्धालु गुरू चरणों के स्वागत के लिए डटे रहे और पूरे मार्ग में भक्ति व आस्था का वातावरण बना रहा।

श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा आयोजित चातुर्मास के लिए मंगल प्रवेश शोभायात्रा आजादनगर स्थित जयविलास होटल से राजशाही स्वागत के माहौल में प्रारंभ हुई। शोभायात्रा रामधाम चौराहा पहुंची तो बारिश का दौर शुरू हो गया, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह और जोश लगातार बढ़ता गया।

श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि पूज्य गुरूदेव पुलकसागरजी महाराज की सर्व समाज द्वारा भव्य अगवानी कर स्वागत-अभिनंदन किया गया। शोभायात्रा गोलप्याउ चौराहा पहुंचने पर पुलकसागरजी महाराज ने सर्किल पर चढ़कर शहरवासियों का अभिवादन स्वीकार किया और आशीर्वाद प्रदान किया।

शोभायात्रा में सकल दिगम्बर जैन समाज के साथ सर्व समाज के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। मार्ग में जगह-जगह गुरूदेव ससंघ का अभिनंदन किया गया। शोभायात्रा में सबसे आगे विशाल श्रीफल के साथ अश्वों पर धर्म ध्वजा लिए श्रावक सवार थे। इसके पीछे नासिक का प्रसिद्ध ढोल बैंड और उज्जैन का महाकाल ताशा बैंड अपनी मधुर ध्वनियों से आकर्षण का केंद्र बने रहे।

शोभायात्रा में दिगम्बर जैन समाज के विभिन्न महिला मंडलों की श्राविकाएं धार्मिक चिन्ह और प्रतीक हाथों में लेकर चल रही थीं। कई श्राविकाएं गुरूदेव पुलकसागरजी की छवि के कटआउट लेकर शामिल हुईं। शोभायात्रा के सबसे अंत में रजत रथ में भगवान की छवि विराजित थी।

चातुर्मास संयोजक मनीष शाह ने बताया कि शोभायात्रा रेलवे फाटक, मुरली विलास रोड और स्टेशन चौराहा होते हुए गोलप्याउ पहुंची। यहां दिगम्बर जैन महिला मंडल की श्राविकाओं ने मंगल आरती कर गुरूदेव की अगवानी की और धर्म संस्कृति से ओतप्रोत सजीव झांकियों की प्रस्तुति दी गई।

शोभायात्रा पर ड्रोन से पुष्प वर्षा की गई। गोल प्याउ चौराहे पर विशेष रूप से तैयार मंच पर पुष्कर के अन्तरराष्ट्रीय नगाड़ा वादक नाथुसिंह सोलंकी ने टीम के साथ नगाड़ों की दिव्य ध्वनि और संगीत के माध्यम से गुरूदेव का स्वागत किया।

चातुर्मास सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि नेताजी सुभाष मार्केट में रिमझिम बारिश के बीच श्रद्धा और भक्ति भाव से 108 थालियों में आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन किया गया। इस दौरान श्रद्धालु गुरूदेव के जयकारे लगाते रहे। शोभायात्रा सिंधुनगर, शास्त्रीनगर मेन सेक्टर स्थित पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर होते हुए सूर्यमहल पहुंचकर सम्पन्न हुई।

मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज के सानिध्य में नियमित चातुर्मासिक प्रवचन प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10 बजे तक शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में होंगे। गुरूदेव के सानिध्य में चित्रकूटधाम में 1 अगस्त को गुरू गुणानुवाद कार्यक्रम होगा और चातुर्मासिक मंगल कलश की स्थापना 2 अगस्त को होगी। इन कार्यक्रमों में देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। चातुर्मास के दौरान 15 से 30 अगस्त तक चित्रकूटधाम में ज्ञान गंगा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।

इससे पहले पूज्य पुलकसागरजी महाराज ससंघ के शनिवार सुबह शुक्रवार सुबह शाह फार्म हाउस से विहार कर न्यू आजादनगर स्थित जय विलास होटल पहुंचने पर पाटनी परिवार और सकल दिगम्बर जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं ने भव्य स्वागत-अभिनंदन किया। मार्ग में भी श्रद्धालु गुरूदेव के स्वागत के लिए आतुर नजर आए। श्रद्धाभाव के साथ गुरूदेव का पाद प्रक्षालन भी कराया गया।

चातुर्मास समिति के महामंत्री जयकुमार पाटनी ने सभी का स्वागत किया और गुरूदेव के आगमन पर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। जय विलास होटल में गुरू दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

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