भीलवाड़ा, 27 जुलाई। ओजस्वी प्रवचनकार प्रख्यात राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पूज्य गुरूदेव पुलकसागरजी म.सा. ससंघ के सानिध्य में श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा आयोजित चातुर्मास का विधिवत शुभारंभ 2 अगस्त को चातुर्मासिक मंगल कलश स्थापना के साथ होगा। इससे पहले गुरूदेव के प्रवास स्थल शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में प्रतिदिन सुबह आयोजित होने वाले गुरु पूजन एवं जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं पहुंच रहे हैं।



श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि गुरूदेव के चातुर्मासिक मंगल प्रवेश के दूसरे दिन सोमवार सुबह भी सूर्यमहल में भीलवाड़ा शहर के विभिन्न क्षेत्रों तथा अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं गुरु दर्शन और धर्म चर्चा के माध्यम से आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचे। धर्म चर्चा के दौरान अनेक श्रद्धालुओं ने अपनी जिज्ञासाएं गुरूदेव पुलकसागरजी के समक्ष रखीं और उनका समाधान प्राप्त किया।



धर्म चर्चा के दौरान श्राविका भारती जैन ने प्रश्न किया कि चातुर्मास मंगल कलश की स्थापना क्यों की जाती है। इसके उत्तर में गुरूदेव पुलकसागरजी ने कहा कि चार माह तक संघ द्वारा की जाने वाली साधना का फल श्रावकों को कलश के माध्यम से प्राप्त हो तथा मंत्र, तंत्र और यंत्र से पूजित कलश की स्थापना करने वालों को उसका लाभ मिले, इसी मंगल भावना के साथ मंगल कलश स्थापना की जाती है।

कार्यक्रम के प्रारंभ में दिगम्बर जैन समाज की आमलियों की बारी महिला मण्डल, तिलकनगर महिला मण्डल एवं शास्त्रीनगर महिला मण्डल की सदस्यों के साथ मुंबई से पधारे गुरु भक्त श्री चिंतामणी बज परिवार ने गुरु पूजन किया। दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का लाभ डॉ. प्रबुद्ध जैन एवं श्रीमती चंदा जैन परिवार ने प्राप्त किया।

सूर्यमहल में 31 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 8.30 से 9 बजे तक गुरु पूजन तथा इसके बाद सुबह 9 से 10 बजे तक गुरूदेव धर्म चर्चा कर श्रावकों की जिज्ञासाओं का समाधान करेंगे।

चातुर्मास समिति के संयोजक मनीष शाह ने बताया कि गुरूदेव के सानिध्य में 1 अगस्त को चित्रकूटधाम में गुरु गुणानुवाद कार्यक्रम आयोजित होगा, जबकि 2 अगस्त को चातुर्मासिक मंगल कलश की स्थापना की जाएगी। गुरु गुणगान महोत्सव दोपहर 2 बजे से प्रारंभ होगा।

समिति के सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि इन दोनों कार्यक्रमों में देशभर से हजारों श्रद्धालु शामिल होने के लिए आएंगे।

उन्होंने बताया कि पूज्य गुरूदेव पुलकसागरजी महाराज के सानिध्य में नियमित चातुर्मासिक प्रवचन 3 अगस्त से प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10 बजे तक शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में होंगे। इसके अलावा चातुर्मास के दौरान 15 से 30 अगस्त तक चित्रकूटधाम में ज्ञान गंगा महोत्सव का आयोजन भी किया जाएगा। इन आयोजनों के माध्यम से चातुर्मास अवधि में श्रद्धालुओं को धर्म चर्चा, प्रवचन और आध्यात्मिक मार्गदर्शन का लाभ मिलेगा।

Pratahkal Newsroom

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