भीलवाड़ा में पूज्य पुलकसागरजी महाराज के पूजन व जिज्ञासा समाधान के लिए उमड़ रहे श्रद्धालु, 2 अगस्त से चातुर्मास का विधिवत शुभारंभ
भीलवाड़ा के शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में पूज्य पुलकसागरजी महाराज के सानिध्य में गुरू पूजन और जिज्ञासा समाधान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। 2 अगस्त से चातुर्मास का शुभारंभ होगा, जबकि 1 अगस्त को गुरू गुणानुवाद एवं आगे ज्ञान गंगा महोत्सव सहित कई प्रमुख धार्मिक आयोजन निर्धारित हैं।

तस्वीर में पीले परिधान पहनी महिला श्रद्धालु सूर्यमहल में गुरु पूजन के दौरान पूजन सामग्री अर्पित करती हुई दिखाई दे रही हैं।
भीलवाड़ा, 28 जुलाई। ओजस्वी प्रवचनकार प्रख्यात राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पूज्य गुरूदेव पुलकसागरजी म.सा. ससंघ के सानिध्य में श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान तथा सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से आयोजित चातुर्मास का विधिवत प्रारंभ 2 अगस्त को चातुर्मासिक मंगल कलश स्थापना के साथ होगा। इससे पहले गुरूदेव के प्रवास स्थल शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में प्रतिदिन सुबह आयोजित हो रहे गुरू पूजन एवं जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं पहुंच रहे हैं।
श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि गुरूदेव के चातुर्मासिक मंगल प्रवेश के बाद तीसरे दिन मंगलवार सुबह भी भीलवाड़ा शहर के विभिन्न क्षेत्रों एवं अन्य स्थानों से श्रावक-श्राविकाएं सूर्यमहल पहुंचे। श्रद्धालुओं ने गुरूदेव के दर्शन कर धर्म चर्चा के माध्यम से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने अपने मन की जिज्ञासाएं पूज्य पुलकसागरजी महाराज के समक्ष रखीं, जिनका समाधान गुरूदेव ने धर्म चर्चा के माध्यम से किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में दिगम्बर जैन समाज के आरके कॉलोनी महिला मण्डल एवं सुभाषनगर महिला मण्डल की सदस्यों ने गुरू पूजन किया। दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का लाभ दिनेशकुमार-स्नेह किरण, पीयूष-प्राची, रचित-निमिषा, धैर्या एवं इवान सेठिया परिवार ने प्राप्त किया।
समिति के अनुसार, सूर्यमहल में 31 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 8.30 से 9 बजे तक गुरू पूजन होगा, जिसके बाद सुबह 9 से 10 बजे तक गुरूदेव धर्म चर्चा के माध्यम से श्रावकों की जिज्ञासाओं का समाधान करेंगे।
चातुर्मास समिति के संयोजक मनीष शाह ने बताया कि गुरूदेव के सानिध्य में 1 अगस्त को चित्रकूटधाम में गुरू गुणानुवाद कार्यक्रम आयोजित होगा तथा 2 अगस्त को चातुर्मासिक मंगल कलश की स्थापना की जाएगी। गुरू गुणगान महोत्सव दोपहर 2 बजे से प्रारंभ होगा। इन दोनों कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं के भीलवाड़ा पहुंचने की संभावना है।
समिति के सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि पूज्य पुलकसागरजी महाराज के सानिध्य में नियमित चातुर्मासिक प्रवचन 3 अगस्त से प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10 बजे तक शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में होंगे। इसके अलावा चातुर्मास के दौरान 15 से 30 अगस्त तक चित्रकूटधाम में ज्ञान गंगा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। आगामी धार्मिक आयोजनों को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है और चातुर्मास की तैयारियां निरंतर जारी हैं।

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