भीलवाड़ा के प्रेम प्रकाश आश्रम में 16 से 20 जुलाई तक सद्गुरू स्वामी टेऊँरामजी महाराज का 140वाँ जन्मोत्सव विविध धार्मिक आयोजनों, सत्संग, भजन और महाप्रसाद के साथ मनाया जाएगा।

प्रेम प्रकाश आश्रम, भीलवाड़ा में प्रेमप्रकाश मंडलाचार्य सद्गुरू स्वामी टेऊँरामजी महाराज का 140वाँ जन्मोत्सव 16 जुलाई से 20 जुलाई तक विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों के साथ धूमधाम से मनाया जाएगा। आयोजन के दौरान चालीसा पाठ, सत्संग, भजन, सुंदरकाण्ड, 140 व्यंजनों का भोग, दीप प्रज्ज्वलन, महाप्रसाद सहित कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

प्रेमप्रकाश सेवा मण्डली के परमानंद गुरनानी ने बताया कि प्रेमप्रकाश मंडलाचार्य सद्गुरू स्वामी टेऊँरामजी महाराज का 140वाँ जन्मोत्सव प्रेम प्रकाश आश्रम, भीलवाड़ा में 16 जुलाई से 20 जुलाई तक मनाया जाएगा। कार्यक्रम के प्रथम दिन 16 जुलाई, गुरुवार को सायं 7 बजे से 7.30 बजे तक सद्गुरू टेऊँराम चालीसा पाठ होगा। इसके बाद सायं 7.30 बजे से रात 9 बजे तक भगवान झूलेलाल जी की ज्योत प्रज्ज्वलित कर बहराणा साहब का भव्य आयोजन किया जाएगा।

17 जुलाई, शुक्रवार को सायं 5 बजे से 5.30 बजे तक सद्गुरू स्वामी टेऊँराम चालीसा पाठ होगा। इसके पश्चात माँ ईच्छापूर्णी माताजी मंदिर की पारी माताजी के सत्संग एवं माता की चौकी का आयोजन किया जाएगा।

18 जुलाई, शनिवार को सायं 5.30 बजे से सद्गुरू स्वामी टेऊँराम चालीसा पाठ तथा सायं 6 बजे से रात 9 बजे तक सुंदरकाण्ड का सामूहिक पाठ आयोजित किया जाएगा।

19 जुलाई, रविवार को सायं 4.30 बजे से 5 बजे तक सद्गुरू स्वामी टेऊँराम चालीसा पाठ होगा। इसके बाद सायं 5 बजे से 6 बजे तक भक्तिमय भजनों की अंताक्षरी एवं ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी आयोजित की जाएगी। सायं 6 बजे से 6.30 बजे तक भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति होगी। तत्पश्चात 140 व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा तथा केक काटकर सद्गुरू स्वामी टेऊँरामजी महाराज का 140वाँ जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

प्रेमप्रकाश सेवा मण्डली के राहुल परमानंदानी ने बताया कि आयोजन के अंतिम दिन 20 जुलाई, सोमवार को प्रेमप्रकाश आश्रम, ब्यावर के संत शंभुलालजी का भीलवाड़ा आगमन होगा। इस दिन सायं 5 बजे से 6 बजे तक सद्गुरू स्वामी टेऊँरामजी महाराज का चालीसा पाठ किया जाएगा। इसके बाद संत शंभुलालजी के सान्निध्य में सत्संग एवं प्रवचन होंगे। साथ ही 140 दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा तथा घर-घर में रखे गए प्रेमप्रकाश ग्रन्थों के पाठ का सामूहिक भोग लगाया जाएगा।

कार्यक्रम का समापन बधाई गीतों के साथ होगा। आश्रम के बाहर राहगीरों एवं श्रद्धालुओं के लिए अन्न क्षेत्र एवं शरबत की व्यवस्था की जाएगी। इसके पश्चात महाप्रसाद (आम भंडारा) आयोजित होगा। प्रेमप्रकाश सेवा मण्डली ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं एवं माताओं से पांचों दिन आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेकर मानव जीवन को सफल बनाने का आग्रह किया है।

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