भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में भोले-भाले नागरिकों को हुस्न के जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने वाले संगठित 'हनी ट्रैप' गिरोह के खिलाफ पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक युद्ध छेड़ दिया है। जिले में लगातार बढ़ते ब्लैकमेलिंग के मामलों को जड़ से मिटाने के लिए भीलवाड़ा पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए ऐसी महिलाओं की सूची सार्वजनिक कर दी है, जो प्रेम और दोस्ती का ढोंग कर लोगों का सामाजिक और आर्थिक शोषण कर रही थीं। पुलिस की इस कार्रवाई ने जिले के उन अपराधियों में हड़कंप मचा दिया है जो अब तक कानून की ढाल बनाकर बेगुनाहों को शिकार बना रहे थे।

जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हुए बताया कि जिले में सक्रिय कुछ आपराधिक प्रवृत्ति की महिलाएं एक सोची-समझी साजिश के तहत शिकार ढूंढती हैं। ये महिलाएं पहले मधुर व्यवहार, दोस्ती और प्रेम के झांसे में लेकर नजदीकी बढ़ाती हैं और फिर एकांत का फायदा उठाकर पीड़ित को बलात्कार, मारपीट या अपहरण जैसे झूठे संगीन मुकदमों में फंसाने की धमकी देने लगती हैं। बदनामी और सामाजिक प्रतिष्ठा खोने के डर से पीड़ित व्यक्ति इन अपराधियों की नाजायज मांगों के आगे घुटने टेक देता है और लाखों रुपये लुटा देता है।

एसपी धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, इस घिनौने खेल में केवल महिलाएं ही नहीं, बल्कि उनके पुरुष सहयोगी भी बराबर के भागीदार होते हैं, जो धमकाने, मारपीट करने और अवैध वसूली को अंजाम देने का काम करते हैं। पुलिस ने वर्ष 2020 से 2025 तक के रिकॉर्ड खंगालते हुए 10 बड़े हनी ट्रैप प्रकरणों को चिन्हित किया है। इन मामलों में प्रतापनगर, कोतवाली, सुभाषनगर, रायपुर, गंगापुर, रायला और पुर जैसे थाना क्षेत्रों की आपराधिक घटनाएं शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ महिलाओं के खिलाफ एक से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जो इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि भीलवाड़ा में एक संगठित गिरोह इस काले कारोबार को चला रहा है।

पुलिस अधीक्षक ने आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए एक संवेदनशील अपील की है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह के जाल में फंस गया है या उसे झूठे मुकदमे की धमकी मिल रही है, तो वह बिना किसी संकोच के पुलिस के पास आए। पुलिस ने वचन दिया है कि शिकायत करने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उसे हर संभव कानूनी सुरक्षा प्रदान की जाएगी। पुलिस का यह कदम समाज में व्याप्त उस डर को खत्म करने की दिशा में है, जिसका फायदा उठाकर ये गैंग फल-फूल रहे थे।

इस बड़ी कार्रवाई के साथ ही भीलवाड़ा पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराध की दुनिया में जेंडर के आधार पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। पुलिस की यह सख्त मुहिम न केवल अपराधियों के लिए एक अंतिम चेतावनी है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी सजगता का पाठ है। प्रशासन का संकल्प है कि भीलवाड़ा की धरा को इस सामाजिक बुराई से मुक्त कराया जाए और कानून का राज स्थापित किया जाए।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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