भीलवाड़ा में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा की तैयारियां पूरी
8 से 14 अप्रैल तक होने वाले आयोजन में देश भर के प्रख्यात संत जुटेंगे, 4.5 लाख वर्ग फीट में बना पंडाल और 13 अप्रैल को होगा विशाल भंडारा।

मेवाड़ की पावन धरा और धर्मनगरी भीलवाड़ा के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। आगामी 8 से 14 अप्रैल तक प्रख्यात कथावाचक ‘कुबेर भण्डारी’ पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारबिंद से प्रवाहित होने वाली श्री शिव महापुराण कथा के लिए तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। आजादनगर स्थित मेडिसिटी ग्राउंड में आयोजित होने वाला यह धार्मिक अनुष्ठान न केवल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि देश के प्रमुख संत-महात्माओं के समागम से समूचा क्षेत्र भक्ति की अविरल धारा में सराबोर होगा। संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरीजी महाराज के सानिध्य में होने वाले इस भव्य आयोजन को लेकर रविवार सुबह आयोजन समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें कार्यकर्ताओं को उनके दायित्व सौंपे गए और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया।
महंत बाबूगिरीजी महाराज ने बताया कि इस कथा के दौरान 13 अप्रैल को संतों के लिए एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत रविन्द्रपुरी महाराज के सानिध्य में होने वाले इस महाभोज में हरिद्वार से महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंदगिरी महाराज, स्वामी बालकनंदगिरी महाराज, शाहपुरा पीठ के जगतगुरू स्वामी रामदयाल महाराज, वृंदावन से साध्वी ऋतंभरा दीदी और उज्जैन के स्वामी शांतिस्वरूपानंद गिरी महाराज जैसी विभूतियां शिरकत करेंगी। इनके अतिरिक्त देहरादून के स्वामी महेशानंद गिरी महाराज, शक्करगढ़ के स्वामी जगदीशपुरी महाराज, श्रीनगर के महंत दीपेन्द्रगिरी महाराज, काशी के आचार्य संतोषदास महाराज, मुंबई के केशवपुरी महाराज और नोएडा के महंत शिववन महाराज सहित निरंजनी अखाड़े के दर्जनों प्रमुख महंत भी इस दिव्य आयोजन का हिस्सा बनेंगे। ये संत न केवल भंडारे में सम्मिलित होंगे, बल्कि कथा श्रवण कर भक्तों को दर्शनों का लाभ भी प्रदान करेंगे।
आयोजन की गरिमा को देखते हुए व्यापक स्तर पर बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। समिति के अध्यक्ष एवं विधायक अशोक कोठारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सेवा के संकल्प को दोहराया गया। कार्यकारी अध्यक्ष राधेश्याम सोमानी और वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील जागेटिया ने जानकारी दी कि साढ़े चार लाख वर्ग फीट क्षेत्र में तीन विशाल वाटरप्रूफ डोम और पाइप पांडाल तैयार किए गए हैं, जहां प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक लाखों श्रद्धालु कथा सुन सकेंगे। महासचिव पीयूष डाड के अनुसार 7 अप्रैल को भव्य कलश शोभायात्रा निकाली जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु 250 अस्थाई शौचालयों और चलित शौचालयों का निर्माण किया गया है, जबकि स्नान के लिए पृथक व्यवस्थाएं की गई हैं। पन्नाधाय सर्किल के समीप विशाल भोजनशाला स्थापित की गई है, जहां प्रतिदिन लगभग 40 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था रहेगी।
कथा की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाउ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी, डॉ. प्रेमचंद बैरवा सहित केंद्र व राज्य सरकार के कई मंत्रियों और सांसदों को आमंत्रित किया गया है। आयोजन के प्रति स्थानीय नागरिकों का उत्साह इस कदर है कि रविवार को मीडिया प्रभारी निलेश कांठेड़ और धर्मेंद्र कोठारी की देखरेख में आयोजित श्रमदान कार्यक्रम में युवाओं, बुजुर्गों और मातृशक्ति ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सफाई अभियान के साथ-साथ कार्यकर्ताओं को अनुशासन और व्यवस्था का प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि भीलवाड़ा की इस पावन धरा पर होने वाला यह आयोजन ऐतिहासिक और अविस्मरणीय सिद्ध हो सके।

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