भीलवाड़ा में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा में उमड़ा जनसैलाब
भीलवाड़ा के मेडिसिटी ग्राउंड में 'कुबेर भंडारी' की कथा के चौथे दिन 4.5 लाख वर्ग फीट का पांडाल छोटा पड़ा, 42 डिग्री गर्मी में भी डटे रहे श्रद्धालु।

मेवाड़ की पावन धरा भीलवाड़ा के मेडिसिटी ग्राउंड में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं का ऐसा अपार जनसैलाब उमड़ा कि साढ़े चार लाख वर्ग फीट में फैला विशाल पांडाल भी छोटा प्रतीत होने लगा। प्रख्यात कथावाचक 'कुबेर भंडारी' पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारबिंद से प्रवाहित हो रही शिव भक्ति की अविरल धारा ने भीलवाड़ा को 'शिव के कुंभ' में परिवर्तित कर दिया है। संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस भव्य आयोजन के चौथे दिन शनिवार को दोपहर एक बजे से पूर्व ही पांडाल पूरी तरह भर चुका था, जिससे विलंब से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बैठने के लिए जगह मिलना भी कठिन हो गया। कथा समिति द्वारा तीन विशाल डोम और पाइप पांडाल की व्यवस्था के बावजूद उमड़ती भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
व्यास पीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने जीवन के मर्म और भक्ति की गहराई पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान को व्यक्ति की दौलत की आवश्यकता नहीं, बल्कि शुद्ध भावना की दरकार है। यदि मन में भाव शुद्ध है, तो घर का साधारण जल भी गंगाजल और यमुना जल के समान पवित्र हो जाता है। मर्यादा और शिष्टाचार पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि चरण सदैव उसी के स्पर्श करने चाहिए जिसका आचरण श्रेष्ठ हो; ऊंचे पद या गादी पर बैठने मात्र से कोई पूजनीय नहीं हो जाता। उन्होंने माता-पिता और पति के चरणों की वंदना करने की सीख दी, साथ ही पतियों को भी पत्नी के मन की भावना समझकर उनका दिल जीतने का प्रयास करने का परामर्श दिया। पंडित मिश्रा ने जोर देकर कहा कि जीवन की विषम परिस्थितियों में भी चेहरे की मुस्कुराहट कम नहीं होनी चाहिए। उन्होंने 'गुरु मंत्र' से अधिक 'गुरु के मत' यानी उनके विचारों को जीवन में उतारने की महत्ता बताई और कहा कि यह कथा शिव का मंत्र नहीं, अपितु उनका 'मत' प्रदान करने आई है, जिसे आत्मसात कर व्यक्ति संसार सागर से पार हो सकता है।
कथा के चौथे दिन भीलवाड़ा के ४२ डिग्री तापमान की भीषण गर्मी भी भक्तों की आस्था को डिगा नहीं सकी, जिसकी सराहना करते हुए महाराजश्री ने इसे 'शिव का कुंभ' बताया। आयोजन में अतिथि के रूप में निम्बार्क आश्रम के महंत मोहनशरण शास्त्री, हाथीभाटा आश्रम के महंत संतदास महाराज, चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभानसिंह आक्या, बड़ीसादड़ी के पूर्व विधायक प्रकाशचंद चौधरी, और पूर्व सभापति ओम नराणीवाल सहित अनेक गणमान्य जनों ने व्यास पीठ की आरती और अभिनंदन किया। यजमान के रूप में गजानंद बजाज, कैलाशचन्द्र गदिया, विनोद सुथार सहित अन्य भक्तों ने पौथी पूजन संपन्न किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष विधायक अशोक कोठारी ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि कार्यकारी अध्यक्ष राधेश्याम सोमानी ने आभार व्यक्त किया। सह संयोजक सत्येंद्र बिरला के अनुसार यह कथा १४ अप्रैल तक प्रतिदिन दोपहर २ से सायं ५ बजे तक जारी रहेगी।
कथा के दौरान जब मंच से 'कर दिया मालामाल काशी वाले ने' भजन गूंजा, तो हजारों महिला श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठीं। पंडित मिश्रा ने भक्तों के पत्रों के माध्यम से शिव भक्ति से हुए चमत्कारों और समस्याओं के समाधान का भी उल्लेख किया और संबंधित परिवारों को मंच पर बुलाकर बिल्व पत्र भेंट किए। उल्लेखनीय है कि कथा से पूर्व पांडाल में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और रविवार को युवा प्रकोष्ठ द्वारा महाप्रज्ञ भवन में रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। मंच पर प्रतिदिन शिव-पार्वती और गणेश जी की सजीव झांकियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। आयोजन समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील जागेटिया ने बताया कि रविवार की छुट्टी के कारण भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए श्रद्धालुओं से समय पूर्व पहुंचने, पानी की बोतल साथ रखने और कीमती आभूषणों व मोबाइल की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की अपील की गई है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
