भीलवाड़ा। नए साल का आगाज भीलवाड़ा वासियों के लिए हाड़ कंपाने वाली ठंड और मौसमी दुश्वारियों का पैगाम लेकर आया है। जिले में मौसम के तेवर इस कदर तल्ख हो गए हैं कि समूचा क्षेत्र भीषण ठंड की गिरफ्त में है। मावठ की बारिश के बाद अब कोहरे और बर्फीली हवाओं के तिहरे हमले ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। शुक्रवार की सुबह जब शहर कोहरे की सफेद चादर में लिपटा हुआ जागा, तो ठंडी हवाओं के झोंकों ने आमजन को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। कड़ाके की इस सर्दी ने न केवल दिनचर्या को प्रभावित किया है, बल्कि नए साल के शुरुआती उत्साह को भी गलन और ठिठुरन में बदल दिया है।

सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा जमा रहा, जिसके चलते सूर्यदेव के दर्शन दुर्लभ हो गए। दृश्यता कम होने के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार सुस्त पड़ गई और लोग दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलने को विवश दिखे। हालांकि, दोपहर बाद बादलों की ओट से सूरज की किरणें झांकी जरूर, लेकिन सर्द हवाओं के निरंतर प्रवाह ने धूप की तपिश को बेअसर कर दिया। आलम यह रहा कि पूरे दिन लोग अलाव और गर्म कपड़ों के सहारे ही खुद को सुरक्षित रखने की जद्दोजहद करते नजर आए।

तापमान के आंकड़ों ने भी इस बार सर्दी की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया है। रात के पारे में आई भारी गिरावट के कारण वातावरण में गलन का अहसास कई गुना बढ़ गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियस रहा। गौर करने वाली बात यह है कि दिन और रात के तापमान के बीच का अंतर सिमटकर मात्र 7 डिग्री रह गया है। तापीय अंतर के इस संकुचन ने ही सर्दी के तीखेपन को और अधिक घातक बना दिया है, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

मौसम विभाग की भविष्यवाणियां आने वाले दिनों के लिए भी कोई खास राहत का संकेत नहीं दे रही हैं। आज भी सुबह से आसमान में घने बादलों की मौजूदगी बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा हवा की गति और वायुमंडलीय परिस्थितियों को देखते हुए अगले कुछ दिनों में पारे में 6 से 8 डिग्री तक की भारी गिरावट आने की प्रबल संभावना है। विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले सप्ताह तक ठंड का यह कहर जारी रहेगा और दिन-रात के तापमान में और अधिक कमी देखी जा सकती है। हालांकि, सप्ताह के अंत में तापमान में मामूली वृद्धि की उम्मीद जताई गई है, जो शायद इस भीषण ठंड से कुछ आंशिक राहत प्रदान कर सके। कुल मिलाकर, भीलवाड़ा में सर्दी का यह सीधा प्रहार अभी थमता नजर नहीं आ रहा है और आने वाले दिनों में यह चुनौती और विकराल हो सकती है।

Pratahkal Bureau

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