भीलवाड़ा। चिड़ावा से अपने गांव लौटते समय पिछले चार दिनों से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हुए लसाड़िया निवासी 55 वर्षीय नारायण गुर्जर सोमवार शाम सकुशल अपने घर पहुंच गए। उनके सुरक्षित लौटने की सूचना मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, वहीं पुलिस प्रशासन के लिए भी यह बड़ी राहत का विषय रहा। हालांकि, नारायण के पास मौजूद नकदी और सोने-चांदी के जेवरात गायब मिले हैं, जिससे उनके साथ नशा खिलाकर लूटपाट यानी जहरखुरानी की आशंका जताई जा रही है।

सोमवार शाम करीब 4 बजे नारायण गुर्जर सरदारनगर चौराहे पर उतरे। उस समय वे काफी गुमसुम और बदहवास स्थिति में थे। उनकी मानसिक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं होने के कारण वे फिलहाल यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड पर उतरने के बाद उनके साथ क्या हुआ। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि उनके पास मौजूद सेठ से मजदूरी के मिले 50 हजार रुपये नकद, पाव भर चांदी का कडूलिया, एक तोले सोने का नावा तथा दो चांदी की अंगूठियां गायब हैं।

कुछ सुध-बुध आने के बाद नारायण सोमवार को चौमूं पुलिया के पास पहुंचे, जहां उन्होंने एक ट्रेलर चालक को अपनी आपबीती बताई। चालक ने मानवता का परिचय देते हुए उन्हें अपने साथ बैठाया और टोंक होते हुए देवली तक छोड़ दिया। इतना ही नहीं, आगे की यात्रा के लिए उसने अपनी जेब से 50 रुपये किराए के भी दिए, जिसके बाद नारायण बस से अपने गांव लसाड़िया पहुंच गए।

मामले के अनुसार, 31 जुलाई की शाम 7:40 बजे नारायण गुर्जर चिड़ावा से अपने गांव लसाड़िया के लिए रवाना हुए थे। मध्य रात्रि करीब 1 बजे वे जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड पहुंचे, जिसके बाद से उनका परिजनों से संपर्क टूट गया और उनका मोबाइल फोन बंद आने लगा।

पुलिस जांच में उनकी अंतिम लोकेशन जयपुर के 'एच-7 सी स्कीम' क्षेत्र में मिली थी। 1 अगस्त की सुबह कुछ समय के लिए उनका मोबाइल चालू हुआ था और उसी दौरान मोबाइल से संदिग्ध वित्तीय लेनदेन (ट्रांजैक्शन) होने की बात भी सामने आई थी, जिससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया।

नारायण का कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों और ग्रामीणों ने जयपुर में काफी तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने महिलाओं के साथ बनेड़ा थाने का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस नेता नीरज गुर्जर मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। थाना प्रभारी से वार्ता के बाद बिना नंबरी (Zero FIR) दर्ज की गई तथा एक पुलिस टीम जयपुर रवाना की गई। इसके बाद ग्रामीणों ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया था।

फिलहाल नारायण गुर्जर के सकुशल घर लौटने से लसाड़िया गांव में राहत और खुशी का माहौल है। पुलिस उनके पूरी तरह स्वस्थ होने और होश में आने का इंतजार कर रही है, ताकि उनका विस्तृत बयान दर्ज कर अज्ञात लुटेरों तक पहुंचने के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा सके।

Anshul Toshniwal, Bhilwara

Anshul Toshniwal, Bhilwara

नाम: अंशुल तोषनीवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा जिला (राजस्थान)

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अनुभव: 6 माह

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अंशुल तोषनीवाल भीलवाड़ा जिले से न्यूज़ वेबसाइट के लिए रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह भीलवाड़ा जिले और उसके अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों की स्थानीय घटनाओं, प्रशासनिक गतिविधियों, क्राइम, राजनीति और जनहित से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

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अंशुल तोषनीवाल शैक्षणिक रूप से इंजीनियर (Engineer) हैं। उनकी तकनीकी और विश्लेषणात्मक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों को सटीकता से समझने और प्रस्तुत करने में मदद करती है।

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