भीलवाड़ा, 26 फ़रवरी। राजस्थान और मध्यप्रदेश परस्पर प्रगति के प्राकृतिक सहयोगी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पार्वती, कालीसिंध व चंबल योजना (पीकेसी) के तहत राजस्थान में जल वितरण पर सकारात्मक विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है और चंबल का पानी राजस्थान को वितरण करने पर मध्यप्रदेश सदैव सहयोग व कार्ययोजना के लिए तत्पर है। यह बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भीलवाड़ा के औरियम रिसोर्ट में "मध्यप्रदेश में निवेश के अवसर" विषय पर आयोजित इंटरएक्टिव सेशन में कही। उन्होंने मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच चंबल के पानी के बंटवारे पर पूर्व में चल रहे विवाद का उदाहरण देते हुए कहा कि सहयोग और समझौते से दोनों राज्यों का विकास संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश व राजस्थान दोनों सरकार मिलकर जनसेवा व विकास के लिए सदैव तैयार है एवं आगामी समय में राजस्थान को जल वितरण का कार्य किए जाने हेतु प्रयासरत है।

औद्योगिक समूहों और निवेशकों का महाकुंभ

“इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश” का सफल आयोजन किया गया जिसमें भीलवाड़ा एवं राजस्थान के 250 से अधिक विभिन्न औद्योगिक समूहों, टेक्सटाइल उद्यमियों तथा निवेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह विशेष संवाद सत्र भीलवाड़ा एवं आसपास के प्रमुख औद्योगिक समूहों, टेक्सटाइल उद्यमियों तथा निवेशकों को मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों, औद्योगिक अधोसंरचना, नई नीतियों एवं प्रोत्साहन योजनाओं से सीधे अवगत कराने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ गरिमामय दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। स्वागत भाषण में डॉ. एस.एन. मोदानी (चेयरमैन, RTMA) ने मध्यप्रदेश की प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों एवं उनके प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि "एमपी का ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस मॉडल उद्योगों को आश्वस्त, सक्षम और प्रतिस्पर्धी वातावरण प्रदान करता है।" इसी क्रम में श्री आर.के. जैन (सचिव, मारवाड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स) ने एमपी प्रशासन की त्वरित, उत्तरदायी और उद्योग हितैषी कार्यशैली की प्रशंसा की तथा नीमच क्षेत्र में टेक्निकल टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट पार्क विकसित करने का महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किया।

निवेश अनुकूल वातावरण और भविष्य की योजनाएं

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने अपने संबोधन में कहा कि "मध्यप्रदेश सरकार पारदर्शी, सरल और निवेश अनुकूल वातावरण सुनिश्चित कर रही है तथा बड़े निवेश प्रस्तावों को विशेष कस्टमाइज्ड प्रोत्साहन कैबिनेट कमिटी ऑन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन (CCIP) के माध्यम से प्रदान किए जाते हैं।" उन्होंने राजस्थान-मध्यप्रदेश के औद्योगिक सहयोग को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि दोनों राज्य परस्पर प्रगति के प्राकृतिक सहयोगी हैं, और उन्होंने उद्योगपतियों से राजस्थान में निवेश जारी रखते हुए मध्यप्रदेश में भी निवेश करने का आह्वान किया। सत्र में मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर एक ऑडियो विजुअल प्रस्तुति प्रदर्शित की गई। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग तथा एमएसएमई विभाग, मध्यप्रदेश शासन के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह (आईएएस) द्वारा राज्य की औद्योगिक नीतियों, मल्टीप्लायर आधारित प्रोत्साहनों, निवेश सहायता, निर्यात फ्रेट सब्सिडी, तकनीकी सपोर्ट, सेक्टर स्पेसिफिक पैकेज तथा इंदौर के पीएम मित्र पार्क, रतलाम का मेगा इन्वेस्टमेंट पार्क, उज्जैन का मेडिकल डिवाइस पार्क और सागर के मसवासी ग्रांट औद्योगिक क्षेत्र जैसे नए औद्योगिक अवसरों पर विस्तृत प्रेसेंटेशन दिया गया।

वन-टू-वन मीटिंग्स और रणनीतिक साझेदारी

कार्यक्रम में ओस्तवाल ग्रुप के एमडी श्री पंकज ओस्तवाल द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इसके पश्चात औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग तथा एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव, श्री राघवेंद्र कुमार सिंह एवं एमपीआईडीसी के प्रमुख अधिकारियों द्वारा 10 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन टू वन मीटिंग्स की गईं। इन बैठकों में टेक्सटाइल, ऊर्जा, उर्वरक, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा अन्य विनिर्माण क्षेत्रों के संभावित निवेश प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई। मध्यप्रदेश शासन का उद्देश्य भीलवाड़ा सहित राजस्थान के औद्योगिक समूहों को राज्य के निकटवर्ती और रणनीतिक औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़कर नए निवेश अवसर उपलब्ध कराना है। इन औद्योगिक क्षेत्रों में प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी, सिंगल विंडो अनुमोदन तथा नीति आधारित विशेष प्रोत्साहनों से उद्योगों को अवगत कराया गया ताकि वे शीघ्र निवेश निर्णय लेकर अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें।

उभरता हुआ निवेश गंतव्य और गणमान्य उपस्थिति

मध्यप्रदेश टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, आईटी/आईटीईएस, फार्मा, पेट्रोकेमिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है। विकसित औद्योगिक लैंड बैंक, सिंगल विंडो प्रणाली, श्रम सुधार, निर्यात सुविधा और नीति आधारित समर्थन निवेशकों को सुरक्षित, स्थिर और आकर्षक वातावरण प्रदान करते हैं। यह संवाद सत्र मध्यप्रदेश में निवेश सहयोग के नए द्वार खोलते हुए औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति को नई दिशा और गति प्रदान करने में सहायक सिद्ध हुआ। इस अवसर पर लोकसभा सांसद भीलवाड़ा श्री दामोदर अग्रवाल, जनप्रतिनिधि श्री प्रशांत मेवाडा, संगम ग्रुप के चेयरमैन श्री आर.पी. सोनी, नितिन स्पिनर्स के एमडी श्री दिनेश नोलखा, ओस्तवाल समूह के एमडी श्री पंकज ओस्तवाल, आर सी एम ग्रुप के चेयरमैन श्री त्रिलोक छाबड़ा, मारवाड़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री अनिल मिश्रा सहित अनेक प्रमुख उद्योगपति एवं औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Pratahkal Bureau

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