भीलवाड़ा। मेजा बांध में बुधवार दोपहर उस समय अफरा तफरी मच गई, जब कंट्रोल रूम से सूचना आई कि नहाते समय पांच युवक पानी में डूब गए हैं। खबर फैलते ही पुलिस और प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई। सायरन बजने लगे, वायरलेस पर संदेश दौडऩे लगे और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए टीमें आनन फानन में रवाना कर दी गईं।

कंट्रोल रूम से मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई

कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम से दोपहर करीब 2.35 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय के ऑफिस कंट्रोल रूम को संदेश भेजा गया कि मेजा बांध में पांच युवक डूब गए हैं और तुरंत राहत एवं बचाव दल मौके पर भेजे जाएं। कंट्रोल रूम इंचार्ज दिलीप कुमार टेलर ने एक पल भी गंवाए बिना मांडल थाना, एसडीएम, तहसीलदार, डीएसपी सहित संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया।

मौके पर पहुंचा भारी अमला

सूचना मिलते ही महज 20 मिनट के भीतर निम्नलिखित अधिकारी और टीमें घटनास्थल पर पहुंच गए:

  • एसडीएम मांडल सपना जोशी, तहसीलदार, डीएसपी राहुल जोशी और थाना प्रभारी रोहिताश पुलिस जाब्ते के साथ।
  • एंबुलेंस, मेडिकल टीम और अन्य रेस्क्यू वाहन।

पूरे क्षेत्र में बचाव कार्य की तैयारी शुरू हो गई थी।

हादसे की सच्चाई: प्रशासन की मॉक ड्रिल

मेजा बांध किनारे जब टीमें उतरीं तो वहां मौजूद लोगों से पूछताछ और हालात का जायजा लिया गया। कुछ ही देर में सच्चाई सामने आई कि यह कोई वास्तविक हादसा नहीं था, बल्कि आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा आयोजित की गई मॉक ड्रिल थी।

"इसका उद्देश्य यह जांचना था कि किसी बड़े हादसे की स्थिति में पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और रेस्क्यू टीमें कितनी तेजी और तालमेल के साथ काम करती हैं।"

अभ्यास का निष्कर्ष

जैसे ही यह खुलासा हुआ, अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। साथ ही इस अभ्यास के दौरान प्रतिक्रिया समय, संसाधनों की उपलब्धता और आपसी समन्वय का भी आंकलन किया गया, ताकि भविष्य में किसी वास्तविक आपदा की स्थिति में जान माल की रक्षा और अधिक प्रभावी तरीके से की जा सके।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story