भीलवाड़ा: मेघरास में बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय खोलने की मांग तेज
मेघरास ग्राम पंचायत के सरपंच सांवरमल सेन के 5 साल के प्रयासों के बाद भीलवाड़ा सांसद और शाहपुरा-बनेड़ा विधायक ने शिक्षा मंत्री को भेजी आधिकारिक अनुशंसा।

भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा उपखंड क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत मेघरास का प्रशासनिक भवन, जहां सह-शिक्षा के कारण लड़कियों की पढ़ाई छूटने के बाद अब पृथक बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय खोलने की मांग की जा रही है।
विधानसभा क्षेत्र शाहपुरा-बनेड़ा (181) की पंचायत समिति क्षेत्र बनेड़ा के तहत आने वाली ग्राम पंचायत मेघरास में नवीन राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय खोलने की मांग ने अब जोर पकड़ लिया है। ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षिक माहौल देने के उद्देश्य से मेघरास ग्राम पंचायत के सरपंच श्री सांवरमल जी सेन पिछले 5 साल से लगातार पंचायत मुख्यालय पर पृथक बालिका विद्यालय खोले जाने हेतु संघर्षरत हैं और निरंतर इस जनहित की मांग को उठा रहे हैं।
सरपंच सांवरमल सेन द्वारा बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए किए जा रहे इन प्रयासों को अब बड़ा राजनीतिक संबल मिला है। सरपंच की इस वाजिब मांग पर उचित व त्वरित कार्रवाई करते हुए भीलवाड़ा सांसद महोदय एवं शाहपुरा-बनेड़ा विधायक महोदय ने राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री महोदय के नाम नवीन राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय खोले जाने हेतु अपनी आधिकारिक अनुशंसा भिजवा दी है। जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजी गई इस मजबूत अनुशंसा के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि जब भी राजस्थान सरकार प्रदेश में नवीन विद्यालय खोलने की घोषणा करेगी, उसी दौरान भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा उपखंड क्षेत्र के मेघरास ग्राम पंचायत मुख्यालय पर भी नवीन बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय खोले जाने की सौगात क्षेत्रवासियों को अवश्य मिलेगी। इस स्वीकृति के साथ ही मेघरास के वर्तमान प्रशासक एवं सरपंच की पिछले 5 वर्षों से जनहित में उठाई जा रही यह महत्वपूर्ण मांग आखिरकार धरातल पर पूरी हो जाएगी।
इस विद्यालय की स्थापना क्षेत्र की बेटियों के लिए कितनी अनिवार्य है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्तमान में सह-शिक्षा (को-एजुकेशन) वाले विद्यालय में 187 बालिकाएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। वर्तमान समय और परिवेश की संवेदनशीलता को देखते हुए, ग्रामीण आम जनता बालिकाओं को छात्रों के साथ सह-शिक्षा दिलवाने में कतराती है। वर्तमान समय में होने वाली अनेक अनहोनी की घटनाओं के कारण उपजे डर और असुरक्षित परिवेश की वजह से कई परिवार अपनी बेटियों को आगे पढ़ने नहीं भेजते, जिससे कई प्रतिभावान बालिकाएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं और उनका उच्च अध्ययन का सपना मात्र एक सपना बनकर रह जाता है। इस सामाजिक परिस्थिति और सुरक्षा के मद्देनजर मेघरास में पृथक बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय का खोला जाना अत्यंत आवश्यक है। जनप्रतिनिधियों की इस सार्थक पहल से अब क्षेत्रवासियों में एक नई उम्मीद जगी है कि बेटियों का पढ़ाई का सपना अब टूटने नहीं पाएगा।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
