भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के मानपुरा गांव से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने इंसानियत और मां-बच्चे के पवित्र रिश्ते को तार-तार कर दिया है। एक मां, जिसे बच्चों की ढाल होना चाहिए था, वही उनकी काल बन गई। मांडलगढ़ थाना पुलिस ने अपने ही दो मासूम बच्चों की नृशंस हत्या करने वाली आरोपित मां संजू (30) पत्नी राजू उर्फ राजकुमार तेली को गिरफ्तार कर लिया है। कैंसर होने के एक 'काल्पनिक डर' और सोशल मीडिया से उपजे भ्रम ने एक हंसते-खेलते परिवार को श्मशान बना दिया।

यह खौफनाक वारदात 11 जनवरी, रविवार को उस वक्त शुरू हुई जब टेंट व्यवसायी राजू उर्फ राजकुमार तेली काम पर गए थे और उनके पिता खेत पर थे। घर में संजू अपनी 10 वर्षीय बेटी नेहा और 6 वर्षीय बेटे भेरू के साथ अकेली थी। जैसे ही पुरुष सदस्य घर से बाहर निकले, संजू ने कमरे को भीतर से बंद कर लिया। उसने पहले ममता का गला घोंटा और फिर क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए मासूम नेहा और भेरू पर हथौड़े व लोहे के सरियों से हमला कर दिया। आरोपित ने बच्चों के सीने और गले में सरिये ठोक दिए ताकि उनके जीवित बचने की कोई गुंजाइश न रहे।

वारदात को अंजाम देने के बाद संजू ने बेहद ठंडे लहजे में अपने ससुर को फोन कर कहा कि उसने बच्चों को मार दिया है और अब वह खुद भी जान देने जा रही है। जब परिजन घर पहुंचे तो वहां का मंजर देखकर उनकी रूह कांप गई। संजू ने फांसी लगाकर खुदकुशी का प्रयास किया था, लेकिन उसे बचा लिया गया। जिला अस्पताल में उपचार के बाद गुरुवार शाम डिस्चार्ज होते ही पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

पूछताछ के दौरान संजू ने जो खुलासे किए, वे चौंकाने वाले हैं। उसने बताया कि उसके मुंह में लंबे समय से छाले थे। सोशल मीडिया पर बीमारी के लक्षण खोजते हुए उसने खुद ही यह मान लिया कि उसे कैंसर है। उसे डर था कि उसकी मौत के बाद उसके बच्चों का कोई सहारा नहीं बचेगा, इसलिए उसने उन्हें 'दर-दर भटकने' से बचाने के लिए मार दिया। हालांकि, मेडिकल जांच में उसे कैंसर होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। विडंबना यह है कि घटना के अगले ही दिन परिवार उसे बेहतर इलाज के लिए अहमदाबाद ले जाने वाला था, लेकिन उससे पहले ही उसने रोंगटे खड़े कर देने वाली इस वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस ने आरोपित से मौका मुआयना करवा लिया है और मामले की सघन जांच जारी है।

क्राइम बुलेटिन: भीलवाड़ा की अन्य आपराधिक खबरें

जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति पर नजर डालें तो बड़लियास थाना पुलिस ने ग्राम पंचायत गेंदलिया की तत्कालीन विकास अधिकारी सुशीला के साथ हुई लूट के मामले में फरार आरोपित रामा उर्फ रामलाल जाट को गिरफ्तार किया है। रामा ने अपने साथी पाबूराम के साथ मिलकर अधिकारी से पर्स लूटा था। वहीं, रायला थाना क्षेत्र के चर्चित रामनारायण हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जमीन विवाद की रंजिश में कार से कुचलकर हत्या करने के मामले में अंतिम फरार आरोपित भंवरलाल जाट को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में कमलेश, सत्यनारायण और मिठुलाल पहले ही सलाखों के पीछे हैं। इसके अतिरिक्त, भीलवाड़ा की ओपन जेल में हत्या की सजा काट रहे बंदी किशनलाल भील की उपचार के दौरान मौत हो गई। अस्थमा से ग्रसित किशनलाल को हाल ही में हनुमानगढ़ से यहां स्थानांतरित किया गया था।

यह घटनाएं समाज में फैलते मानसिक तनाव, गलत सूचनाओं के घातक प्रभाव और जमीनी रंजिश के बढ़ते हिंसक स्वरूप की ओर इशारा करती हैं, जो आज के समय में एक गंभीर चिंता का विषय बन चुका है।

Pratahkal Bureau

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