भीलवाड़ा में मकर संक्रांति पर पसरा मातम: पतंग के मामूली विवाद ने ली बुजुर्ग की जान, बीच-बचाव करने गया युवक लहूलुहान
भीलवाड़ा के कांवा खेड़ा में मकर संक्रांति के पर्व पर पतंग के विवाद में हुई हिंसक झड़प ने ली 60 वर्षीय बुजुर्ग अख्तर अली की जान। बीच-बचाव करने गए भोलू रैगर गंभीर रूप से घायल। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात, तनावपूर्ण स्थिति के बीच जांच जारी। पढ़ें इस दुखद घटना की पूरी रिपोर्ट और पुलिस की अब तक की कार्रवाई।

भीलवाड़ा। मकर संक्रांति का पर्व जहां आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगों और आपसी सौहार्द के लिए जाना जाता है, वहीं राजस्थान के भीलवाड़ा से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने त्योहार के उल्लास को गहरे मातम में बदल दिया। शहर के कांवा खेड़ा इलाके में पतंगबाजी के दौरान शुरू हुआ एक मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। इस हिंसक झड़प में एक बुजुर्ग को अपनी जान गंवानी पड़ी, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल व्याप्त है।
घटनाक्रम की शुरुआत कांवा खेड़ा बस्ती में दो पड़ोसी परिवारों के बच्चों के बीच पतंग काटने और उसे लूटने की बात को लेकर हुई। शुरुआत में इसे बच्चों की सामान्य नोकझोंक मानकर अनदेखा किया गया, लेकिन कुछ ही पलों में क्रोध की अग्नि ने बड़ों को भी अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते शब्दों की मर्यादा टूटी और दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। आवेश में आकर शुरू हुए इस संघर्ष ने उस वक्त भयावह रूप ले लिया जब लाठी-डंडों और धारदार हथियारों का प्रयोग होने लगा।
इस खूनी संघर्ष के दौरान 60 वर्षीय बुजुर्ग अख्तर अली पुत्र गफ्फार अली गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मची चीख-पुकार के बीच परिजन उन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल ले गए, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; वहां चिकित्सकों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया। वहीं, पड़ोस में रहने वाला भोलू रैगर जब मानवता के नाते इस झगड़े को शांत कराने और बीच-बचाव करने पहुंचा, तो वह भी हमलावरों के क्रोध का शिकार हो गया। भोलू इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसका उपचार वर्तमान में जिला चिकित्सालय में जारी है।
वारदात की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस और सहायक उप निरीक्षक कमलेश कुमार पुलिस दल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया है। प्राथमिक जांच के बाद पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विवाद की जड़ बच्चों के बीच पतंग को लेकर हुई कहासुनी ही थी। हालांकि, पुलिस अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि क्या इस हिंसा के पीछे कोई पुरानी रंजिश थी या यह महज तात्कालिक आक्रोश का परिणाम था। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों और चोटों की प्रकृति का स्पष्ट खुलासा हो पाएगा।
वर्तमान में कांवा खेड़ा इलाके में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। किसी भी संभावित सांप्रदायिक या सामाजिक टकराव को रोकने के लिए प्रशासन ने बस्ती में अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार गश्त कर रहे हैं और स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। एक छोटी सी पतंग के पीछे शुरू हुआ यह विवाद आज एक परिवार के मुखिया को छीन ले गया, जो समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि कैसे क्षणिक आवेश हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ सकता है।

Pratahkal Bureau
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