एक धागा स्नेह का अभियान: 133 जिलों से सैनिकों के लिए भेजी जाएंगी एक लाख राखियां
अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भारत ने भीलवाड़ा से “एक धागा स्नेह का” अभियान शुरू किया है। इस वर्ष 133 जिलों से देश की थल सेना, जल सेना और वायु सेना के जवानों के लिए एक लाख राखियां भेजने का लक्ष्य रखा गया है। जानिए अभियान की पूरी योजना और अपील।

अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भारत की ओर से देश की तीनों सेनाओं के जवानों के लिए “एक धागा स्नेह का - फौजी भाईयों के नाम, बहनों का पैग़ाम” अभियान का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ किया गया। क्लब की विभिन्न जिला शाखाओं के माध्यम से इस वर्ष देशभर के 133 जिलों से सैनिकों के लिए एक लाख राखियां भेजने का लक्ष्य रखा गया है।
भीलवाड़ा स्थित क्लब के राष्ट्रीय कार्यालय गीता भवन सभागार में आयोजित सादे समारोह में क्लब की राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती अनिता सोडाणी एवं राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती डॉ. सुमन सोनी ने 133 जिला शाखाओं के लिए “एक धागा स्नेह का - फौजी भाईयों के नाम, बहनों का पैग़ाम” अभियान के पोस्टर का विमोचन किया।
दोनों पदाधिकारियों ने बताया कि क्लब की विभिन्न जिला शाखाओं द्वारा दस वर्ष पूर्व वर्ष 2016 में मात्र 217 राखियों से प्रारम्भ हुआ यह सफर पिछले वर्ष 85 हजार राखियों तक पहुंच गया था। उन्होंने कहा कि इस वर्ष यदि क्लब की 133 जिलों की दस हजार से अधिक महिला सदस्याएं दस-दस राखियां भी भेजती हैं तो देश की तीनों सेनाओं थल सेना, जल सेना और वायु सेना के फौजी भाईयों के लिए एक लाख राखियां भेजी जा सकेंगी।
अपने उद्बोधन में उन्होंने क्लब की 133 जिला एवं नगर शाखाओं की महिला सदस्याओं से अधिक से अधिक सहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि राखी चाहे एक रुपये का रेशमी फूंदा हो या सौ रुपये की चांदी का धागा, महत्वपूर्ण उसका भाव है, उसकी कीमत नहीं। उन्होंने कहा कि सैनिक भाईयों को महंगी राखियां नहीं चाहिए, बल्कि उनकी कलाई पर भारतीय बहनों की राखी पहुंचनी चाहिए।
उन्होंने प्रत्येक सदस्य से अपील करते हुए कहा कि कोई एक राखी भेजे, दस राखियां भेजे या हजार राखियां भेजे, जिसकी जितनी सामर्थ्य हो उतनी ही राखियां भेजे, उससे अधिक नहीं। उन्होंने बताया कि फौजी भाईयों के लिए राखियां भेजने का सबसे उपयुक्त माध्यम रक्षा मंत्री के जरिए है। इसके लिए पता सेवामें, माननीय रक्षा मंत्री महोदय, रक्षा मंत्रालय, साउथ ब्लॉक, रायसीना हिल, नई दिल्ली-110011, भारत निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि यदि 20 अगस्त से पूर्व राखियां निम्नलिखित पतों पर भेजी जाती हैं तो उनके सैनिक भाईयों तक पहुंचने की संभावना रहेगी। राष्ट्रपति महोदया कार्यालय के लिए पता सेवामें, भारत की राष्ट्रपति महोदया, राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली-110004, भारत दिया गया है। भारतीय सेना के लिए सेवामें, एडजुटेंट जनरल शाखा सैनिक कल्याण अनुभाग, आर्मी हैंड क्वार्टर, DHQ डाकघर, नई दिल्ली-110011, भारत का पता निर्धारित किया गया है। भारतीय नौसेना के लिए सेवामें, नौसेना मुख्यालय, कार्मिक सेवा निदेशालय, सेना भवन, नई दिल्ली-110011, भारत तथा भारतीय वायुसेना के लिए सेवामें, वायुसेना मुख्यालय, कार्मिक सेवा निदेशालय, वायु भवन, नई दिल्ली-110011, भारत का पता बताया गया है।
क्लब की ओर से इस संबंध में माननीय राष्ट्रपति जी एवं रक्षा मंत्री जी को पत्र भेजकर अनुरोध किया गया है कि बहनों की भावनाओं का सम्मान करते हुए ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे समय पर राखियां फौजी भाईयों की कलाइयों तक पहुंचकर बंध सकें। कार्यक्रम का समापन “जय हिन्द - जय हिन्द की सेना” के संदेश के साथ किया गया।

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