महेश नवमी पर आयोजित होने वाले सामूहिक भोजन को लेकर अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भारत ने बड़ा नवाचार प्रस्तावित किया है। क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन की राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ममता मोदानी से शिष्टाचार भेंट कर भीलवाड़ा सहित देशभर में महेश नवमी आयोजनों में संयम, समानता और सामाजिक आत्मीयता बढ़ाने के उद्देश्य से पांच बिंदुओं वाला सुझाव पत्र सौंपा।

भीलवाड़ा में प्रतिवर्ष महेश नवमी पर 15 हजार से अधिक लोगों के सामूहिक भोजन का आयोजन किया जाता है। इसी परिप्रेक्ष्य में अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भारत की ओर से राष्ट्रीय महासचिव अनिता डॉ अशोक सोडाणी के नेतृत्व में दिए गए प्रस्ताव में कहा गया कि सामूहिक भोजन में अधिकतम 7 या 8 खाद्य आइटम रखे जाएं तथा शगुन स्वरूप प्रति परिवार मात्र 5 या 10 रुपए लेकर आयोजन किया जाए। प्रस्ताव में यह भी सुझाव दिया गया कि प्रत्येक माहेश्वरी परिवार को क्षेत्रवार संगठनों के माध्यम से घर-घर जाकर आदरपूर्वक निमंत्रित किया जाए।

सुझाव पत्र में आयोजन के लिए सीमित सहयोग मॉडल भी रखा गया। इसके अनुसार सामूहिक भोजन का कुल बजट निर्धारित कर एक लाख रुपए सहयोग देने वाले 21 व्यक्तियों अथवा 51 हजार रुपए देने वाले 42 सहयोगकर्ताओं से ही राशि ली जाए। क्लब ने इसे देशभर में नवाचार और नई परिपाटी बताते हुए कहा कि यदि यह मॉडल सफल होता है तो अन्य शहरों और राज्यों के लिए भी अनुकरणीय बन सकता है। प्रस्ताव स्वीकार होने पर अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भीलवाड़ा की ओर से इस सेवा कार्य के लिए एक-एक लाख रुपए के दो सहयोग देने की घोषणा भी की गई।

प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता मोदानी ने कहा कि प्रत्येक सकारात्मक विचार का समाज हित में स्वागत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुझावों को आवश्यक संशोधनों के साथ क्रियान्वित किया जाए या नहीं, यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा, लेकिन ऐसे प्रयासों से सेवा में समानता, आयोजन में संयम और समाज में आत्मीयता बढ़ती है।

राष्ट्रीय महासचिव अनिता डॉ अशोक सोडाणी ने प्रस्ताव के सामाजिक, आर्थिक, संगठनात्मक और सांस्कृतिक प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मात्र 5 से 10 रुपए के शगुन से गरीब और अमीर सभी परिवार समान सम्मान के साथ कार्यक्रम में शामिल हो सकेंगे तथा आर्थिक कारणों से कोई पीछे नहीं रहेगा। घर-घर जाकर निमंत्रण देने से सामाजिक रिश्ते मजबूत होंगे, पुरानी दूरियां कम होंगी और संगठन सक्रिय रूप से जीवंत बनेगा।

उन्होंने कहा कि सीमित सहयोगकर्ताओं से राशि लेने पर हिसाब-किताब में पारदर्शिता आएगी और दिखावे की प्रतिस्पर्धा कम होगी। भोजन में सीमित आइटम रखने से अनावश्यक खर्च रुकेगा तथा बची राशि शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण जैसे सामाजिक कार्यों में उपयोग की जा सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भीलवाड़ा में यह मॉडल सफल होता है तो देशभर के माहेश्वरी संगठन इसे अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

प्रस्ताव में युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ने की संभावना भी जताई गई। क्षेत्रवार निमंत्रण व्यवस्था से नए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी मिलेगी और नेतृत्व विकसित होगा। क्लब ने इसे महेश नवमी के मूल भाव — समाज को जोड़ने और सेवा संस्कार को मजबूत करने — से जुड़ा कदम बताया।

अंत में ममता मोदानी ने अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भारत के प्रस्ताव की सराहना करते हुए आश्वासन दिया कि इसे भीलवाड़ा सहित देशभर के जिलों के संदर्भ में राष्ट्रीय कार्यसमिति को भेजा जाएगा और सकारात्मक निर्णय पर विचार किया जाएगा। समाज में समानता, सादगी और आत्मीयता को केंद्र में रखने वाला यह प्रस्ताव अब माहेश्वरी समाज में नई चर्चा का विषय बन गया है।

Pratahkal Bureau

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