कृषि विज्ञान केन्द्र में ग्रामीण कृषि कार्यानुभव (RAWE) कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय कृषि महाविद्यालय बस्सी, रावतभाटा, गंगापुर एवं गोगुन्दा के 51 कृषि छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक कृषि तकनीकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्रामीण परिवेश में किसानों के बीच कार्य करते हुए कृषि की वास्तविक परिस्थितियों से परिचित कराना और आधुनिक कृषि तकनीकों को प्रयोगशाला से कृषक परिवार तक पहुंचाना है।

केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सी. एम. यादव ने बताया कि ग्रामीण कृषि कार्यानुभव कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों द्वारा अपनाई जा रही कृषि प्रौद्योगिकियों, उनकी समस्याओं तथा उनके व्यावहारिक समाधानों से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को किसानों के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने का अवसर मिल रहा है, जिससे वे कृषि क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

डॉ. यादव ने बताया कि छात्र-छात्राएं गांवों में किसानों से संपर्क कर भूमि की स्थिति, मृदा एवं जल परीक्षण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड की उपयोगिता, जलवायु, कृषि परिस्थितियां, सिंचाई के साधन, कृषि प्रणाली, फसल विविधीकरण, फसलों में कीट एवं रोग प्रबंधन, शस्य प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, ड्रोन तकनीकी, खेत की जुताई से कटाई तक की व्यवस्थाएं, भंडारण, विपणन, लाभप्रद कृषि व्यवसाय जैसे पशुपालन, मुर्गीपालन, बकरीपालन, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन, कृषि बाजार प्रणाली तथा विभिन्न कृषि योजनाओं से संबंधित जानकारियां किसानों के साथ संवाद के आधार पर संकलित करेंगे।

उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रदर्शन फार्म पर छात्र-छात्राओं को हल्दी, अदरक, कपास, तुअर, उड़द, कंकोड़ा, सूरजमुखी तथा पुष्प उत्पादन सहित विभिन्न फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नवीनतम कृषि तकनीकों से दक्ष बनाना है, ताकि वे किसानों तक इन तकनीकों का प्रभावी प्रसार कर उनकी आय बढ़ाने में सहयोग कर सकें।

रावे प्रभारी डॉ. लालचन्द कुमावत ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक छात्र-छात्रा एक कृषक परिवार के साथ कार्यानुभव प्राप्त कर रहा है। इस दौरान किसान परिवार की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति से संबंधित आंकड़ों का संकलन किया जा रहा है। साथ ही खरीफ एवं रबी मौसम में बोई जाने वाली फसलों की उन्नत किस्मों, खरपतवार प्रबंधन, सिंचाई एवं जल प्रबंधन, पशुओं में नस्ल सुधार तथा पशुधन संबंधी विभिन्न जानकारियों का भी व्यवस्थित रूप से संकलन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के साथ कृषि तकनीकों को किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

Pratahkal Bureau

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