कोटा। पासपोर्ट बनवाने की राह देख रहे हाड़ौती और मेवाड़ के हजारों आवेदकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, कोटा ने तकनीकी अड़चनों को जड़ से मिटाने के लिए अब आवेदन की पूरी प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव कर दिया है। यदि आप भी अपने पासपोर्ट को पुनः जारी (Re-issue) करवाने की योजना बना रहे हैं, तो पुरानी लॉगिन आईडी का मोह त्यागना अब आपकी मजबूरी और जरूरत दोनों बन गया है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय द्वारा जारी ताजा दिशा-निर्देशों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब पुरानी गलतियों की पोर्टल पर कोई जगह नहीं होगी।

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी यशवंत माठे ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि कोटा कार्यालय के अधीन आने वाले भीलवाड़ा, बाराँ, झालावाड़, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, बूंदी, उदयपुर और सलूम्बर जिलों के आवेदकों को लंबे समय से एक गंभीर तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ रहा था। दरअसल, जब आवेदक पासपोर्ट पुनः जारी करने के लिए पुराने क्रेडेंशियल्स का उपयोग कर रहे थे, तो पोर्टल पर 'आरपीओ कोटा' के स्थान पर स्वतः ही 'आरपीओ जयपुर' का विकल्प दिखाई दे रहा था। इस तकनीकी त्रुटि के कारण आवेदकों को कोटा और उदयपुर के पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) तथा पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) की सूची दिखाई ही नहीं दे रही थी, जिससे अपॉइंटमेंट बुक करना एक बड़ी चुनौती बन गया था।

इस समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए अधिकारी यशवंत माठे ने कड़े निर्देश दिए हैं कि अब पासपोर्ट री-इश्यू के प्रत्येक आवेदक को पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से एक नई यूजर आईडी, यूजरनेम और पासवर्ड के साथ नया पंजीकरण (Sign Up) करना होगा। केवल नए लॉगिन के माध्यम से ही सिस्टम सही भौगोलिक स्थिति की पहचान कर पाएगा और आवेदकों को उनके संबंधित नजदीकी केंद्रों की सूची प्रदर्शित होगी। पुराने लॉगिन आईडी का उपयोग अब आवेदन प्रक्रिया में बाधक बन सकता है, इसलिए विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना नए अकाउंट के आवेदन स्वीकार करना या सही केंद्र का चयन करना संभव नहीं होगा।

तकनीकी सुधारों के साथ-साथ विभाग ने आधुनिक डिजिटल इंडिया की दिशा में भी एक बड़ा कदम उठाया है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, कोटा ने सूचित किया है कि अब दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए डिजिलॉकर (DigiLocker) को आधिकारिक रूप से मान्यता दे दी गई है। वर्तमान दिशा-निर्देशों के अनुसार, आवेदक अपने डिजिलॉकर में सुरक्षित दस्तावेजों का उपयोग सत्यापन हेतु कर सकेंगे, बशर्ते वे आवेदन के समय पोर्टल को डिजिलॉकर एक्सेस प्रदान करें। यह कदम न केवल भौतिक दस्तावेजों की अनिवार्यता को कम करेगा बल्कि पूरी प्रक्रिया में तेजी भी लाएगा।

प्रशासन ने अंत में एक बेहद जरूरी और व्यावहारिक सलाह देते हुए आवेदकों को सचेत किया है कि वे पहले अपना पासपोर्ट सुरक्षित रूप से प्राप्त करें, उसके बाद ही विदेश यात्रा के लिए टिकट बुक करें। किसी भी प्रकार की दुविधा या अधिक जानकारी के लिए आवेदक सीधे क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, कोटा से संपर्क कर सकते हैं या आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 0744-2943382 पर कॉल कर सकते हैं। कोटा और उदयपुर संभाग के आवेदकों के लिए यह नई व्यवस्था न केवल उनकी समस्याओं का अंत करेगी, बल्कि पासपोर्ट प्राप्त करने के सफर को और अधिक सुगम और त्रुटिहीन बनाएगी।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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