भीलवाड़ा में खाकी का इकबाल बुलंद: एसपी धर्मेंद्र सिंह ने पेश किया माफिया और तस्करों के खात्मे का रिपोर्ट कार्ड
भीलवाड़ा में एसपी धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने माफिया और तस्करों पर कड़ा प्रहार करते हुए वर्ष 2025 में अपराध दर में 22.67% की भारी कमी लाने में सफलता प्राप्त की है। मादक पदार्थों की जब्ती, करोड़ों की संपत्ति कुर्की और सड़क दुर्घटनाओं में सुधार के साथ 85 पुलिसकर्मियों का सम्मान हुआ। भीलवाड़ा पुलिस की उपलब्धियों और भविष्य की रणनीति पर विस्तृत रिपोर्ट।

भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में अपराध की कमर तोड़ने और माफियाराज पर नकेल कसने की दिशा में जिला पुलिस ने वर्ष 2025 में एक मिसाल पेश की है। रविवार को आयोजित एक गरिमामयी पत्रकार वार्ता के दौरान जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने जब बीते एक वर्ष की उपलब्धियों का लेखा-जोखा साझा किया, तो आंकड़ों ने पुलिस की मुस्तैदी और अपराधियों के पस्त होते हौसलों की तस्दीक कर दी। एसपी सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया कि जिले में कानून का राज सर्वोपरि है और किसी भी सूरत में शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। इस खास मौके पर वर्दी का मान बढ़ाने वाले 85 जांबाज पुलिसकर्मियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया गया, जिससे समूचे महकमे में उत्साह का संचार हुआ।
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने अपराध के गिरते ग्राफ पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2025 भीलवाड़ा पुलिस के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है। आंकड़ों की गहराई में उतरें तो आईपीसी और अब प्रभावी भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज होने वाले गंभीर अपराधों में 22.67 प्रतिशत की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में जहाँ अपराधों का आंकड़ा 7390 था, वहीं पुलिस की प्रभावी गश्त और त्वरित कार्यवाही के चलते वर्ष 2025 में यह घटकर मात्र 5715 रह गया। यह कमी केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार निवारण के मामलों में आई 16.93 प्रतिशत की गिरावट समाज के वंचित वर्गों में बढ़ते सुरक्षा भाव को दर्शाती है।
तस्करों और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए गए अभियान की चर्चा करते हुए एसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने उनके आर्थिक साम्राज्य को नेस्तनाबूद करने की रणनीति अपनाई है। एनडीपीएस एक्ट के तहत 167 मामलों में 223 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजकर करीब 37 करोड़ 88 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए। इतना ही नहीं, संगठित अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ और बीएनएसएस की धारा 107 के तहत करोड़ों की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क करने जैसी कठोरतम कार्यवाही की गई है। अवैध खनन और शराब तस्करी के खिलाफ भी पुलिस का प्रहार प्रचंड रहा, जिसमें 750 खनन प्रकरणों में 1340 लोगों की गिरफ्तारी और एक करोड़ से अधिक की अवैध शराब की जब्ती शामिल है।
सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मोर्चे पर भी भीलवाड़ा पुलिस ने नवाचारों के जरिए सफलता के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। एसपी सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर 'ड्राईव लेन सिस्टम' लागू करने और 14 चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर सुधारात्मक कार्य करने से सड़क दुर्घटनाओं में 24.24 प्रतिशत की भारी कमी आई है। वहीं, वांछित और इनामी अपराधियों के खिलाफ की गई कार्यवाही पिछले वर्ष की तुलना में तीन गुना से भी अधिक रही, जिससे जिले के फरार अपराधियों में पुलिस का खौफ साफ नजर आ रहा है। अंत में एसपी धर्मेंद्र सिंह ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन आमजन की सुरक्षा के लिए समर्पित है और आने वाले समय में तकनीक एवं मुस्तैदी के समन्वय से भीलवाड़ा को पूरी तरह अपराध मुक्त बनाने का प्रयास जारी रहेगा।

Pratahkal Bureau
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