भीलवाड़ा। राजस्थान के वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में अपराधियों और नशा तस्करों के विरुद्ध पुलिस ने एक ऐसा चक्रव्यूह रचा कि महज 24 घंटों के भीतर ही अपराध की दुनिया में हड़कंप मच गया। जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुर थाना पुलिस ने चौतरफा कार्रवाई करते हुए न केवल भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ और हथियार जब्त किए, बल्कि वर्षों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे वांछित अपराधियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई ने जिले में कानून व्यवस्था के प्रति जनता के विश्वास को और सुदृढ़ किया है।

इस सघन अभियान की सबसे बड़ी कामयाबी नेशनल हाईवे-48 पर मिली। पुर पुलिया के नीचे तैनात पुलिस दल ने संदेह के आधार पर एक मोटरसाइकिल को रुकवाया, जिस पर मध्य प्रदेश निवासी दो युवक सवार थे। जब पुलिस ने सघन तलाशी ली, तो मोटरसाइकिल सवार प्रकाश पुत्र शिवनारायण कुमावत (निवासी तम्बोलिया, मंदसौर) और अर्जुन पुत्र रमेशचन्द्र (निवासी साखतली, सीतामऊ) के कब्जे से 2.444 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त वाहन को जब्त करते हुए दोनों आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इस बरामदगी के तार अंतर्राज्यीय नशा तस्करी गिरोह से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है, जिसे लेकर गहन अनुसंधान जारी है।

मादक पदार्थों के साथ-साथ अवैध हथियारों के विरुद्ध भी पुलिस का डंडा चला। गश्त के दौरान पुलिस की सक्रियता देख भागने का प्रयास कर रहे एक संदिग्ध को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में उसकी पहचान चित्तौड़गढ़ निवासी महेन्द्र पुत्र मदन रेगर के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। जांच में सामने आया कि महेन्द्र चित्तौड़गढ़ जिले का वांछित अपराधी है। आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह हथियार किस वारदात को अंजाम देने के लिए लाया गया था।

पुलिस की यह कार्रवाई केवल तस्करों तक सीमित नहीं रही, बल्कि धोखाधड़ी और लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों पर भी गाज गिरी। धोखाधड़ी के पुराने मामलों में वांछित सूरजमल पिता मोहनलाल कुमावत (निवासी खोडीप, निकुंभ) और मध्य प्रदेश के नीमच निवासी जुनैद बोहरा पिता जुजर बोहरा को कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया गया। वहीं, पिछले 5 वर्षों से पुलिस को छका रहे स्थायी वारंटी अर्जुन पुत्र कैलाशचन्द्र चांवरिया (निवासी नंदराय) को भी पुलिस ने दबोच लिया, जिसके विरुद्ध 5 अलग-अलग प्रकरण दर्ज थे।

इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में थाना प्रभारी कन्हैयालाल के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक जमनालाल, ताराचंद यादव, जितेंद्र सिंह, अनिल कुमार, राकेश कुमार और जगदीश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस की इस चौतरफा कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि भीलवाड़ा की सीमा में अपराध और अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है। अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस का यह अभियान आने वाले दिनों में और भी आक्रामक रूप ले सकता है।

Pratahkal Bureau

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