भीलवाड़ा। राजस्थान की सियासत में सांगठनिक नियुक्तियों के दौर के बीच भीलवाड़ा जिले में कांग्रेस ने एक बड़ा और रणनीतिक बदलाव किया है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष भरत मेघवाल एवं उपाध्यक्ष शिव भगवान गेनोलिया ने एडवोकेट कन्हैया लाल रेगर को प्रकोष्ठ का भीलवाड़ा जिलाध्यक्ष मनोनीत किया है। यह नियुक्ति न केवल संगठन के विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि इससे जिले के वंचित वर्गों के अधिकारों की आवाज को भी एक नया मंच मिलने की उम्मीद जागी है।

एडवोकेट कन्हैया लाल रेगर की इस नियुक्ति के पीछे उनके द्वारा समाज हित में किए गए निरंतर संघर्ष और जनहितैषी कार्यों को मुख्य आधार माना गया है। संगठन के शीर्ष नेतृत्व का विश्वास है कि रेगर की कानूनी सूझबूझ और जमीनी पकड़ से भीलवाड़ा में कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ के कार्यों को न केवल नई गति मिलेगी, बल्कि संगठन का ढांचा भी पहले से अधिक सुदृढ़ होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक अनुभवी अधिवक्ता को यह जिम्मेदारी सौंपकर कांग्रेस ने बस्तियों में रहने वाले नागरिकों की विधिक और सामाजिक समस्याओं के समाधान की दिशा में एक सकारात्मक कदम उठाया है।

इस घोषणा के बाद भीलवाड़ा के विधिक और राजनीतिक गलियारों में उत्साह की लहर दौड़ गई। बार एसोसिएशन भीलवाड़ा की कार्यकारिणी और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने रेगर की नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे न्याय और सेवा का सम्मान बताया। कन्हैया लाल रेगर के जिलाध्यक्ष बनने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उनके स्वागत के लिए उमड़ पड़े। कार्यकर्ताओं ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर और माल्यार्पण कर गर्मजोशी से स्वागत किया। रेगर ने अपनी इस जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया और संकल्प लिया कि वे समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके हक की लड़ाई लड़ने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।

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