कला, संस्कृति और परंपराओं के अद्भुत संगम का प्रतीक बन चुका अंतर्राष्ट्रीय रंग मल्हार उत्सव इस वर्ष एक बार फिर नए और अनूठे प्रयोग के साथ आयोजित होने जा रहा है। स्थानीय आकृति कला संस्थान, भीलवाड़ा द्वारा आयोजित 17वां अंतर्राष्ट्रीय रंग मल्हार उत्सव आगामी 12 जुलाई 2026 को आयोजित होगा, जिसमें इस बार पारंपरिक कैनवास की जगह ‘संदूक’, ‘बक्सा’, ‘पेटी’ और ‘ब्रीफकेस’ कलाकारों की सृजनात्मक अभिव्यक्ति का माध्यम बनेंगे।

संस्था सचिव कैलाश पालिया ने बताया कि वरिष्ठ चित्रकार विद्यासागर उपाध्याय की परिकल्पना पर आधारित इस वर्ष का रंग मल्हार उत्सव स्मृतियों, संस्कारों और सांस्कृतिक विरासत को केंद्र में रखकर आयोजित किया जा रहा है। हर वर्ष प्रकृति और कला के समन्वय के साथ आयोजित होने वाला यह उत्सव इस बार एक ऐसे प्रतीक को मंच पर ला रहा है, जो कभी भारतीय परिवारों की पहचान और भावनाओं का अभिन्न हिस्सा हुआ करता था।

उन्होंने बताया कि संदूक केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि पीढ़ियों की यादों, परंपराओं और पारिवारिक धरोहरों का संरक्षक रहा है। एक समय ऐसा था जब बच्चे अपनी किताबें, कॉपियां और अध्ययन सामग्री संदूक में रखकर विद्यालय जाया करते थे। घरों में दादी-नानी के गहने, पुरानी तस्वीरें, पत्र, वस्त्र और महत्वपूर्ण दस्तावेज इन्हीं संदूकों में सुरक्षित रखे जाते थे। ग्रामीण जीवन में यह आत्मनिर्भरता, सादगी और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक माना जाता रहा है। विवाह के अवसर पर बेटियों को दिया जाने वाला संदूक स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद का भी प्रतिनिधित्व करता था।

आधुनिक जीवनशैली और डिजिटल युग में भले ही संदूक का उपयोग सीमित हो गया हो, लेकिन इसका सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व आज भी बरकरार है। इसी महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और पारंपरिक विरासत को कला के माध्यम से पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से रंग मल्हार उत्सव ने इस वर्ष इसे अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति का केंद्र बनाया है।

आयोजन में भाग लेने वाले कलाकार लकड़ी, लोहे, एल्युमीनियम, फाइबर, मेटल शीट अथवा आधुनिक ब्रीफकेस जैसे किसी भी माध्यम का उपयोग कर सकते हैं। आकार और स्वरूप को लेकर कोई बाध्यता नहीं रखी गई है। कलाकारों को पूर्ण स्वतंत्रता दी गई है कि वे इन पारंपरिक वस्तुओं को अपनी कल्पना और कला के माध्यम से आधुनिक एवं उत्कृष्ट कलाकृतियों में परिवर्तित करें।

आयोजन समिति ने देश और विदेश के चित्रकारों, मूर्तिकारों तथा कला प्रेमियों से इस अनूठे उत्सव में सहभागिता का आह्वान किया है। समिति का मानना है कि यह आयोजन कला जगत को स्मृतियों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगा, जहां रंगों के जरिए अतीत और वर्तमान का अनूठा संवाद देखने को मिलेगा।

उत्सव में भाग लेने के इच्छुक कलाकार वकील कॉलोनी स्थित आकृति आर्ट गैलरी में संपर्क कर सकते हैं अथवा मोबाइल नंबर 9983300960 पर पंजीकरण करा सकते हैं। कला और संस्कृति के इस विशेष आयोजन के माध्यम से एक बार फिर भीलवाड़ा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय कला परिदृश्य में अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराने जा रहा है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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