भीलवाड़ा। नेशनल हाईवे पर लग्जरी कारों के शीशे टूटने की आवाज के पीछे छिपे हरियाणा के शातिर गैंग का भीलवाड़ा पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। यह गिरोह किसी साधारण अपराधी की तरह नहीं, बल्कि दिल्ली से चमचमाती महंगी मोटरसाइकिलों पर सवार होकर निकलता था और पलक झपकते ही हाईवे के ढाबों पर खड़ी गाड़ियों से कीमती सामान उड़ाकर रफूचक्कर हो जाता था। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा तब हुआ जब गुलाबपुरा पुलिस ने 1500 किलोमीटर तक फिल्मी अंदाज में पीछा करते हुए 15 हजार रुपये के इनामी बदमाश उपेंद्र सांसी को दबोचा। पूछताछ में जो सच सामने आया, उसने पुलिस प्रशासन को भी हैरत में डाल दिया है।

वारदात का सिलसिला 6 नवंबर को शुरू हुआ, जब भारतीय सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल अपने तबादले के बाद परिवार सहित जयपुर से उदयपुर की ओर जा रहे थे। रास्ते में गुलाबपुरा थाना क्षेत्र के सरेरी स्थित 'चौपाल दा ढाबा' पर उन्होंने भोजन के लिए अपनी कार रोकी। महज कुछ ही मिनटों की दूरी और पार्किंग में खड़ी सुरक्षित गाड़ी भी इन बदमाशों की नजर से नहीं बच सकी। गिरोह के सदस्यों ने मौका पाकर कार का शीशा तोड़ा और भीतर रखी छह बेशकीमती घड़ियां, करीब ढाई लाख रुपये के सोने के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गए। कर्नल की शिकायत पर पुलिस ने इसे चुनौती के रूप में लिया और जांच की कमान थामी।

गुलाबपुरा थाना प्रभारी संजय गुर्जर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने करीब 1500 किलोमीटर तक तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों का पीछा किया। अंततः हरियाणा के जींद जिले के निवासी उपेंद्र पुत्र हरीकिशन सांसी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की कड़ाई के आगे उपेंद्र ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि उसने चोरी का माल भिवानी के मुण्ढाल खुर्द निवासी वीरेंद्र उर्फ बलवान को सौंपा था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वीरेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया, जिस पर पुलिस ने पहले ही 15 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि उपेंद्र अपने साथी पिंटू सांसी (निवासी सोरखी, हांसी) के साथ मिलकर दिल्ली से महंगी बाइक्स पर सवार होकर निकलता था। ये बदमाश इतने शातिर थे कि दिल्ली से निकलने के बाद वारदात को अंजाम देने और सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचने तक मोबाइल फोन का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करते थे, ताकि पुलिस उनकी लोकेशन ट्रेस न कर सके। वे हाईवे के ढाबों पर केवल उन कारों की रेकी करते थे, जिनके चालक सपरिवार खाना खाने अंदर जाते थे। उपेंद्र ने स्वीकार किया कि वे अब तक नेशनल हाईवे पर 25 से 30 ऐसी वारदातों को अंजाम दे चुके हैं, जिसमें हमीरगढ़ के 'होटल ग्रीन प्लाजा' की घटना भी शामिल है। फिलहाल पुलिस आरोपितों से सेना के अधिकारी का चोरी हुआ माल बरामद करने और फरार साथी पिंटू सांसी की तलाश में जुटी है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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