भीलवाड़ा में IMCC INDIA की वैचारिक वार्ता, पति हत्याओं और पुरुषों के खिलाफ क्रूरता पर कानून सुधार की मांग
भीलवाड़ा में IMCC INDIA ने पति हत्याओं और पुरुषों के खिलाफ क्रूरता पर कानून सुधार की मांग उठाई। 133 जिला शाखाओं की ओर से मुख्य न्यायाधीश और कानून मंत्री को ज्ञापन भेजा गया।

तस्वीर में बाएं से दाएं, सोफे पर बैठे छह लोग हाथ में चाय के कप लिए दिखाई दे रहे हैं, जिनके आगे 'चर्चा.... चाय पर' और 'IMCC INDIA' लिखा हुआ एक बैनर रखा है।
भीलवाड़ा स्थित अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भारत (IMCC INDIA) के राष्ट्रीय कार्यालय गीता भवन सभागार में शुक्रवार को "चर्चा चाय पर" वैचारिक वार्ता का आयोजन किया गया। वार्ता का विषय "पति हत्याओं और पुरुषों के खिलाफ क्रूरता पर कानून में सुधार की मांग" रहा। कार्यक्रम के दौरान वैवाहिक विवादों, पति हत्याओं और पुरुषों के अधिकारों से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर चर्चा करते हुए कानून में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती अनिता - डॉ. अशोक सोडाणी ने की। उन्होंने कहा कि देश में वैवाहिक विवादों और पति हत्याओं के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार, संसद और न्यायपालिका को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि केवल महिलाओं के खिलाफ होने वाली क्रूरता ही नहीं, बल्कि पुरुषों के खिलाफ होने वाली क्रूरता को भी कानूनी मान्यता मिलनी चाहिए। उनके अनुसार मौजूदा IPC और नए BNS कानून में ऐसी कोई धारा नहीं है, जिसके तहत प्रताड़ित पुरुष कानूनी सहायता प्राप्त कर सके।
वार्ता के दौरान धारा 498A और BNS 85 की समीक्षा की भी मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि इन प्रावधानों के दुरुपयोग को रोकने के लिए व्यापक समीक्षा समय की मांग है। उनका कहना था कि कानून का उद्देश्य न्याय होना चाहिए, किसी एक वर्ग को विशेष लाभ देना नहीं। साथ ही वैवाहिक विवादों में झूठे मुकदमों के आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता भी जताई गई।
कार्यक्रम में जेंडर न्यूट्रल कानून बनाने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि मेरठ, मेघालय, केतन अग्रवाल और राजा रघुवंशी जैसे चर्चित मामलों ने कानून में सुधार की मांग को तेज किया है। उनका कहना था कि जेंडर न्यूट्रल कानून बनने से सभी नागरिकों को समान न्याय मिलेगा, जबकि वर्तमान कानून यह मानकर चलता है कि "औरत है तो पुरुष ने सताया ही होगा।" उन्होंने कहा कि इस सोच में बदलाव आवश्यक है।
वार्ता के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि पिछले दो वर्षों में देश में 787 ऐसे मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें पत्नियों या प्रेमिकाओं द्वारा पति, प्रेमी या मंगेतर की हत्या की गई। इसके अलावा दिल्ली में एक न्यायाधीश द्वारा पत्नी से प्रताड़ित होकर आत्महत्या करने की घटना को भी कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल बताया गया।
राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती अनिता - डॉ. अशोक सोडाणी ने कहा, "कानूनों के दुरुपयोग को रोकना उतना ही जरूरी है जितना पीड़ितों की सुरक्षा। अगर कानून जेंडर न्यूट्रल होता तो कोर्ट में लंबित केसेस आधे भी नहीं होते।"
कार्यक्रम के अंत में क्लब की पूरे देश में फैली 133 जिला शाखाओं की ओर से भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट तथा माननीय केंद्रीय कानून मंत्री, भारत सरकार को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में राष्ट्रीय स्तर पर पुरुषों के अधिकारों और सुरक्षा पर व्यापक बहस शुरू करने की मांग की गई। IMCC INDIA अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब भारत के सभी पदाधिकारियों ने इस मुद्दे पर समाज में जागरूकता लाने के लिए संकल्प व्यक्त किया।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
