भीलवाड़ा में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का ऐतिहासिक आगाज़: उपवास के जरिए कांग्रेस ने फूंका जनआंदोलन का शंखनाद
भीलवाड़ा में कांग्रेस ने 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के तहत ऐतिहासिक जनआंदोलन और उपवास का आगाज़ किया। धीरज गुर्जर और शिवराम जी.पी. खटीक के नेतृत्व में जुटी भारी भीड़ ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ हुंकार भरी। जानें कैसे भीलवाड़ा से उठी यह आवाज देश के करोड़ों मजदूरों और मनरेगा के अस्तित्व को बचाने की एक बड़ी क्रांति बनने जा रही है।

वस्त्र नगरी भीलवाड़ा की फिजाओं में रविवार को संघर्ष और संकल्प का एक नया स्वर गूंजा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान और प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देशानुसार, जिला कांग्रेस कमेटी शहर द्वारा आयोजित 'मनरेगा बचाओ संग्राम' ने एक भव्य और अनुशासित जनआंदोलन का रूप ले लिया। गांधी बाजार स्थित भोपाल क्लब के सामने आयोजित इस एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम ने न केवल संगठन की एकजुटता को प्रदर्शित किया, बल्कि ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले मनरेगा के संरक्षण के लिए एक निर्णायक लड़ाई का बिगुल भी फूंक दिया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव धीरज गुर्जर के सानिध्य और जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवराम जी.पी. खटीक के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष उपवास और प्रार्थना के साथ हुआ। इस दौरान ऑर्केस्ट्रा द्वारा प्रस्तुत गांधी जी के प्रिय भजनों और प्रेरणादायक गीतों ने पूरे वातावरण को सत्य, अहिंसा और जन-संघर्ष की भावना से सराबोर कर दिया। मंच से संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि मनरेगा महज एक योजना नहीं, बल्कि देश के करोड़ों मजदूरों की जीवनरेखा है। जिला अध्यक्ष शिवराम खटीक ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस योजना को कमजोर करने के किसी भी प्रयास का कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक पुरजोर विरोध करेगी।
आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता था कि इसमें कांग्रेस के दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। राष्ट्रीय सचिव श्री धर्मवीर धीरज, भीलवाड़ा जिला प्रभारी श्री प्रशांत बैरवा, और विधानसभा प्रभारी कैलाश झालीवाल ने अपनी उपस्थिति से कार्यकर्ताओं में जोश भरा। कार्यक्रम में पूर्व विधायक गायत्री देवी त्रिवेदी और शाहपुरा से विधायक प्रत्याशी नरेन्द्र रेगर सहित महिला कांग्रेस, NSUI, सेवा दल, अल्पसंख्यक विभाग और SC मोर्चा के तमाम पदाधिकारियों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
इस ऐतिहासिक आगाज़ में भीलवाड़ा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पार्षदों की लंबी फेहरिस्त शामिल रही, जिनमें अक्षय त्रिपाठी, अनिल डांगी, धर्मेंद्र पारीक, राजेश चौधरी, रणदीप त्रिवेदी, संजय पेड़ीवाल, मोहम्मद याकूब, मनोज पालीवाल, किशन जाट, भावेश पुरोहित, लादू गुर्जर देवसेना, पार्षद उस्मान पठान, हमीद रंगरेज, एडवोकेट कुणाल ओझा, विनायक मालवीय, रतन गुर्जर, रमेश सेन, मोहम्मद हारून रंगरेज, पार्षद वसीम शेख, पार्षद शिव प्रकाश घावरी, पार्षद प्रकाश ओझा, नारायण गाडरी, महावीर कुमावत, सुनील मिश्रा, शंकर लाल मीणा, बाबू लाल खटीक, देवेंद्र सिंह, मेवाराम खोईवाल, राजकुमार माली, नवरत्न जैन, विक्की ब्यावाट, निसार सिलावट, सत्यवीर सिंह, एडवोकेट शाहीद देशवाली, भंवर गुर्जर, रमेश गुर्जर और सत्तू आचार्य प्रमुख थे।
आंदोलन के दौरान एक भावुक क्षण वह आया जब भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री और भीलवाड़ा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष स्व. कुंवर देवेंद्र सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की गई। प्रातः 10:30 बजे से शुरू हुए इस जमावड़े ने यह संदेश दे दिया कि भीलवाड़ा हमेशा से ही अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का केंद्र रहा है। अंत में आभार व्यक्त करते हुए शिवराम जी.पी. खटीक ने कहा कि यह लड़ाई देश के हर उस मेहनतकश नागरिक की है जिसका अधिकार छीना जा रहा है। इस सफल आयोजन ने राजस्थान की राजनीति में मनरेगा के मुद्दे को एक बार फिर केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया है।

Pratahkal Bureau
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