भीलवाड़ा। गठीलाखेड़ा गांव में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। 12वीं कक्षा की छात्रा हेमलता (17 वर्ष) ने खांसी की दवा समझकर गलती से कीटनाशक का सेवन कर लिया, जिससे उसकी तत्काल हालत बिगड़ गई और देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह घटना न केवल परिवार की खुशियों को छीन गई, बल्कि पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया।

गठीलाखेड़ा निवासी लक्ष्मण लाल की बेटी हेमलता पढ़ाई में होनहार और मेहनती थी। शनिवार शाम करीब 4:30 बजे उसे खांसी की शिकायत हुई। अनजाने में उसने घर में रखी कीटनाशक की बोतल को दवा समझकर पी लिया। कुछ ही समय में उसकी स्थिति गंभीर हो गई। परिजन घबरा कर उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन ज़हर शरीर में फैल चुका था। परिजनों की लगातार प्रार्थनाओं और डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद हेमलता ने देर रात दम तोड़ दिया।

इस दुखद घटना से परिवार में कोहराम मच गया। पिता लक्ष्मण लाल की आंखों के सामने उनकी बेटी और उसके सपने हमेशा के लिए टूट गए। रविवार सुबह पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। जैसे ही शव गांव पहुंचा, हर कोई स्तब्ध रह गया और गांव में सन्नाटा छा गया। सहेलियां रोती-बिलखती रहीं, और हर कोई यह कहता नजर आया कि यदि थोड़ी सावधानी बरती जाती, तो यह अनमोल जीवन बचाया जा सकता था।

पुर थाना के दीवान अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि मृतका के पिता की रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने घरों में दवाइयों और कीटनाशकों को सुरक्षित और अलग-अलग स्थान पर रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि एक छोटी सी भूल किसी की जिंदगी के लिए घातक हो सकती है। हेमलता की मौत ने न केवल उसके परिवार की खुशियों को छीन लिया, बल्कि पूरे गांव को गहरे शोक में डाल दिया।

Pratahkal Bureau

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