भव्य स्वागत एवं उपस्थिति

  • राज्यपाल बागड़े का हरिशेवा उदासीन आश्रम पहुंचने पर महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज एवं संत महात्माओं द्वारा स्वागत किया गया।
  • सनातन सेवा समिति एवं हंसगंगा हरि शेवा भक्त मण्डल के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भी राज्यपाल का अभिनंदन किया।
  • इस अवसर पर राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज और भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल भी उपस्थित रहे।



राज्यपाल का संबोधन: "सनातन की शक्ति"

राज्यपाल बागड़े ने सनातन मंगल महोत्सव को एक ऐतिहासिक आयोजन बताते हुए कहा कि सनातन संस्कृति दुनिया की सबसे प्राचीन और समावेशी सोच रखने वाली है। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान निम्नलिखित प्रमुख बातें कहीं:

"दुनिया में कोई ताकत नहीं है जो सनातन संस्कृति के प्रति हमारी श्रद्धा और भक्ति को मिटा सके। इसी श्रद्धा के कारण ये संस्कृति सुरक्षित है। महाभारत ओर रामायण जैसे ग्रन्थ इसी सनातन संस्कृति के प्रतीक हैं।"
"आठवीं सदी से ही सनातन संस्कृति को नष्ट करने के कई प्रयास होते रहे लेकिन आक्रमणकारी कभी सफल नहीं हो पाए। हमारे गुरुकुल ओर विश्वविद्यालय खत्म कर दिए ताकि सनातन के प्रति श्रद्धा नष्ट कर सके पर भारत में ऐसा कभी नहीं हो पाया। बप्पा रावल ने मोहम्मद बिन कासिम को खदेड़ दिया। आज की रावलपिंडी उन्हीं बप्पा रावल की है। हमारे साधु संतों के सनातन संस्कृति ओर धर्म को बचाने का कार्य करने से ये सदा सुरक्षित रही। बाबर के लोगों ने श्रीराम का मंदिर गिराया पर उनके प्रति हमारी श्रद्धा को मिटा नहीं पाया।"

राज्यपाल ने व्यास पीठ पर विराजित श्रीधाम वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर का अभिनंदन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।


आयोजन का स्वरूप: 'मिनी कुंभ'

महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने राज्यपाल को पुष्प गुच्छ और सनातन सिंधु चिन्ह भेंट किया। उन्होंने आयोजन के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया कि:

  • यह आयोजन "एक संगत ओर एक पंगत" की भावना को मजबूत करने वाला है।
  • यह सनातन संस्कृति के विविध स्वरूपों को दर्शाने वाला ‘मिनी कुंभ’ है।

धार्मिक अनुष्ठान और कार्यक्रम की रूपरेखा

राज्यपाल ने प्रस्थान से पूर्व विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का अवलोकन किया, जो विश्व शांति, सर्व संकट निवारण एवं विश्व कल्याण की भावना से प्रतिदिन सुबह 8 बजे से आयोजित हो रहे हैं:

  • वैदिक अग्नि अनुष्ठान पंचकुण्डीय श्री विष्णु महायज्ञ।
  • श्री अष्टोतर शत (108) भागवत मूल पाठ एवं शतचण्डी।
  • अनवरत अखण्ड श्रीमद् भगवतगीता पाठ, श्री रामचरितमानस पाठ, श्रीचंद सिद्धांत सागर पाठ और अखण्ड श्री रामनाम संकीर्तन।
  • काशी के यज्ञाचार्य कामेश्वरनाथ तिवारी के सानिध्य में यज्ञ सम्पादन एवं चारों वेद के मूल पाठ का पारायण।
  • प्रतिदिन शाम 7 बजे से श्रीधाम वृन्दावन के रसिकाचार्य कुंजबिहारी शर्मा श्री निकुंज बिहारी रासलीला मण्डल द्वारा रासलीला।
  • प्रतिदिन शाम 6 बजे से काशी की तर्ज पर गंगा आरती।

आगामी मुख्य कार्यक्रम

इन सभी कार्यक्रमों की पूर्णाहुति 25 फरवरी को होगी। आगामी कार्यक्रमों का विवरण इस प्रकार है:

  • 25 फरवरी: दीक्षा दान समारोह की पूर्व संध्या पर भव्य संत दर्शन एवं सनातन शोभायात्रा।
  • 26 फरवरी: सुबह 9 बजे से हरिशेवाधाम परिसर के विशाल पांडाल में दीक्षा दान समारोह एवं संत समागम का मुख्य आयोजन।

राज्यपाल बागड़े ने इस भव्य आयोजन की सफलता के लिए मंगलभावनाएं व्यक्त की। कार्यक्रम का संचालन पंडित अशोक व्यास ने किया।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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