हरी शेवा उदासीन आश्रम में श्रीराम जन्मोत्सव, गूंजा जय श्रीराम का उद्घोष
पुरूषोत्तम माह के अंतर्गत आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के चौथे दिन महामंडलेश्वर स्वामी जगदीश दास उदासीन ने व्यास पीठ से श्रीराम जन्म प्रसंग सुनाया।

भीलवाड़ा के हरी शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के चौथे दिन व्यास पीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए हरिद्वार के महामंडलेश्वर स्वामी जगदीश दास उदासीन।
हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर परिसर में चल रहे पुरुषोत्तम माह महोत्सव के अंतर्गत आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के चौथे दिन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। हरिद्वार स्थित हरिहर भागवत धाम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी जगदीश दास उदासीन ने व्यास पीठ से भगवान श्रीराम जन्मोत्सव का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया और कहा कि जब-जब धरती पर अधर्म, अत्याचार और अन्याय बढ़ता है, तब-तब भगवान विभिन्न अवतारों के माध्यम से धर्म की स्थापना के लिए अवतरित होते हैं।
उन्होंने त्रेता युग का उल्लेख करते हुए कहा कि रावण के अत्याचारों से संपूर्ण पृथ्वी व्याकुल हो उठी थी, तब देवताओं एवं ऋषि-मुनियों की प्रार्थना पर भगवान विष्णु ने अयोध्या में महाराजा दशरथ के यहां श्रीराम के रूप में अवतार लिया। महामंडलेश्वर स्वामी जगदीश दास उदासीन ने कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक राजा नहीं, बल्कि मर्यादा, सत्य, त्याग, करुणा और आदर्श जीवन के प्रतीक हैं। उनका जीवन मानव समाज को कर्तव्य, परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। उन्होंने यह भी कहा कि श्रीराम का जन्मोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन में संस्कारों और आदर्शों को स्थापित करने का संदेश है।
कथा के दौरान श्रीराम जन्म का प्रसंग सुनते ही पूरा सभागार “जय श्रीराम” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने "भए प्रगट कृपाला दीन दयाला , कौशल्या हितकारी ।' हरशित महतारी, मुनि मुनि मन हारी, अदभुत रूप विचारी.. ।।" भजन पर भक्ति भाव से झूमते हुए भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव की उत्साहपूर्वक खुशियां मनाईं। हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के महामंडलेश्वर हंसराम जी उदासीन ने बाल रूपी भगवान श्रीराम के जन्म पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माल्यार्पण किया। इसी क्रम में दशरथ के महलों में भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न का भी जन्म हुआ, जहां अयोध्यावासियों ने मंगल गीत गाए और श्रद्धालुओं ने नृत्य कर आनंद व्यक्त किया।
कथा व्यास द्वारा रामनवमी का महत्व भी विस्तार से बताया गया। पूरे कथा स्थल को आकर्षक फूलों एवं रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आरती के पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
इससे पूर्व सवेरे आयोजित विष्णु यज्ञ में रघुनाथ चौहान और बंशी लाल हैंडरिया ने जोड़े सहित आहुतियां दीं तथा सिद्धेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक किया गया। हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर परिसर में महामंडलेश्वर हंसराम जी उदासीन के सानिध्य में प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से यज्ञाचार्य पंडित रोशन शास्त्री के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विष्णु यज्ञ आयोजित किया जा रहा है। तत्पश्चात उपाचार्य पंडित सत्यनारायण शर्मा के मुखारविंद से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सिद्धेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक तथा सायं काल काशी की तर्ज पर गंगा आरती एवं 24 घंटे हरिनाम संकीर्तन का आयोजन प्रतिदिन जारी है। पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण और भक्ति रस का निरंतर प्रवाह बना हुआ है।

Pratahkal Bureau
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