नागौर सांसद की सुरक्षा घटाने के विरोध में राज्यपाल के नाम 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, हनुमान सेना ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी।

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा में की गई कटौती को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) और भजनलाल सरकार के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है। भीलवाड़ा में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी जिला इकाई के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने इस सुरक्षा कटौती के खिलाफ गहरा रोष प्रकट करते हुए जिला कलेक्टर को राज्यपाल के नाम एक 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। विरोध प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट के बाहर रालोपा कार्यकर्ताओं ने वर्तमान भजनलाल सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हाथों में तख्तियां लहराकर अपना उग्र विरोध दर्ज कराया।

घटनाक्रम और आरोपों की विस्तृत जानकारी देते हुए रालोपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष राजेंद्र जाट नांरद ने मीडिया से बातचीत में सीधे सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बैरणा धाम आंदोलन के बाद से ही भजनलाल सरकार सांसद हनुमान बेनीवाल के जमीनी संघर्ष से पूरी तरह डरी हुई है। इसी डर और द्वेष भावना के चलते सरकार ने सांसद बेनीवाल की सुरक्षा में कटौती करने का 'निकम्मा काम' किया है, जबकि उन्हें हमेशा अपराधियों से जान का खतरा बना रहता है।

प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए राजेंद्र जाट नांरद ने पिछली घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पिछली 1 तारीख को जब पार्टी कार्यकर्ता ज्ञापन देने आए थे, तब भीलवाड़ा जिला प्रशासन ने सरकार के भारी दबाव में आकर आरएलपी कार्यकर्ताओं को रोकने, पुतला दहन न करने देने और उनकी नारेबाजी को दबाने का कुत्सित प्रयास किया था। प्रशासन के इसी दमनकारी रवैये के विरोध में आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने तब जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर ही ज्ञापन फाड़कर फेंक दिया था।

इस पूरे घटनाक्रम के कानूनी और राजनीतिक निहितार्थों को रेखांकित करते हुए रालोपा नेतृत्व ने सरकार को सीधे शब्दों में चेतावनी जारी की है। जिलाध्यक्ष राजेंद्र जाट ने कहा कि आज सैकड़ों और हजारों की तादाद में हनुमान सेना बेनीवाल के समर्थन में सड़कों पर उतरी है। उन्होंने साफ लहजे में आगाह किया कि यदि भविष्य में भी सांसद हनुमान बेनीवाल की आवाज को दबाने, डराने या उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया गया, तो यह हनुमान सेना इसी तरह भारी संख्या में सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए विवश होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।

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