जिले के हमीरगढ़ उपखंड क्षेत्र में स्थित मंगरोप, गढ़पाछली आमली और आसपास के गांवों की लगभग 900 बीघा चारागाह भूमि को लैंटाना झाड़ियों एवं अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन भेजकर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई है।

द मूवमेंट ऑफ फाउंडेशन के अध्यक्ष, भाजपा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता दयाराम दिव्य ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार का ध्यान क्षेत्र की चारागाह भूमि की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि गौवंश संरक्षण और गौचर भूमि की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाया जाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि मंगरोप, रतनपुरा, गढ़पाछली आमली सहित आसपास के दर्जनों गांवों के पशुधन के लिए सुरक्षित यह चारागाह भूमि वर्तमान में लैंटाना झाड़ियों और अतिक्रमण की समस्या से जूझ रही है, जिससे इसका मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्षों से स्थानीय ग्रामीण और जनप्रतिनिधि प्रशासन से इस भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग करते रहे हैं। इस मुद्दे को पहले मांडल विधायक उदयलाल भड़ाणा द्वारा विधानसभा में भी उठाया जा चुका है, जहां चारागाह भूमि की सुरक्षा और अतिक्रमण हटाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था।

दयाराम दिव्य ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव, संबंधित विभागों के मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों तथा जिला कलेक्टर को भी ज्ञापन भेजकर राजस्व अभिलेखों के अनुरूप भूमि का डिमार्केशन कराने, लैंटाना झाड़ियों को हटाने तथा अवैध कब्जों के विरुद्ध कार्रवाई कर भूमि को सुरक्षित करने की मांग की है।

चारागाह भूमि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन की महत्वपूर्ण आधारशिला मानी जाती है। ऐसे में 900 बीघा भूमि को संरक्षित एवं अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग ने क्षेत्र में एक बार फिर गौचर संरक्षण के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है। अब निगाहें राज्य सरकार और प्रशासनिक तंत्र की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

Pratahkal Bureau

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