भीलवाड़ा की धरा पर बरसेगी गुरु कृपा: मुनि आदित्य सागर महाराज ससंघ का शास्त्रीनगर में ऐतिहासिक मंगल प्रवेश आज
भीलवाड़ा के शास्त्रीनगर स्थित सुपार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में आज श्रुत संवेगी मुनि श्री आदित्य सागर महाराज ससंघ का ऐतिहासिक मंगल प्रवेश होने जा रहा है। आचार्य विशुद्ध सागर जी के शिष्यों की भव्य अगवानी के लिए भीलवाड़ा सज-धज कर तैयार है। इस धार्मिक उत्सव में पदयात्रा, गुरु भक्ति, प्रवचन और हिंदू सम्मेलन जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों की पूरी जानकारी प्राप्त करें।

भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा के आध्यात्मिक आकाश में आज एक नया सितारा अपनी आभा बिखेरने जा रहा है। पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य, श्रुत संवेगी श्रमण मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ससंघ का भव्य और ऐतिहासिक मंगल प्रवेश आज शास्त्रीनगर की पावन धरा पर होने जा रहा है। इस अलौकिक दृश्य का साक्षी बनने के लिए समूचा जैन समाज और श्रद्धालु पलक-पावड़े बिछाए आतुर हैं। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण का वह संगम है, जहाँ भक्ति की लहरें हर हृदय को सराबोर करने के लिए तैयार हैं।
मीडिया प्रभारी भागचन्द पाटनी ने आयोजन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि मुनि संघ का मंगल विहार दोपहर 3:00 बजे केसर कुंज से प्रारंभ होगा। इसके पश्चात, जमुना विहार स्थित दिगम्बर जैन मंदिर से शनिवार, 24 जनवरी को अपराह्न 3:30 बजे एक विशाल और भव्य जुलूस निकाला जाएगा। यह पदयात्रा भक्तिमय जयकारों के साथ आगे बढ़ते हुए शाम 4:00 बजे हाउसिंग बोर्ड शास्त्रीनगर स्थित श्री सुपार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पहुँचेगी। यहाँ मुनि श्री आदित्य सागर महाराज, मुनि श्री अप्रमित सागर महाराज, मुनि श्री सहज सागर महाराज और क्षुल्लक श्री श्रेयस सागर महाराज का पाद प्रक्षालन कर समाज के प्रबुद्ध जनों द्वारा भव्य अगवानी की जाएगी।
श्री महावीर दिगम्बर जैन सेवा समिति के अध्यक्ष राकेश पाटनी के अनुसार, मुनि संघ के सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठानों की अविरल धारा बहेगी। शनिवार शाम 6:00 बजे सामूहिक गुरु भक्ति और आरती का आयोजन होगा, जिसके पश्चात रात्रि 8:30 बजे वैयावृत्ति संपन्न की जाएगी। आध्यात्मिक उत्सव का यह क्रम रविवार को भी जारी रहेगा, जिसमें प्रातः 7:00 बजे भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा होगी। मुनि श्री के ओजस्वी प्रवचनों का लाभ श्रद्धालुओं को प्रातः 8:30 बजे मिलेगा, जिसके बाद प्रातः 10:15 बजे मुनि संघ की आहार चर्या संपन्न होगी। एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में, मुनि संघ दोपहर 11:30 बजे सामुदायिक भवन में आयोजित होने वाले हिंदू सम्मेलन में भी शिरकत करेगा। यह आयोजन भीलवाड़ा की सांस्कृतिक एकता और धार्मिक शुचिता को एक नई ऊंचाई प्रदान करने वाला सिद्ध होगा।

