गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को भीलवाड़ा के माणिक्यनगर रामद्वारा धाम में ‘विश्व शांति कल्याण’ चातुर्मास कर रहे अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा के पीठाधीश्वर जगतगुरु आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज के दर्शन, वंदन एवं पूजन के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु श्रद्धा, आस्था और भक्ति भाव के साथ पहुंचे। श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में भजनों और भावों के माध्यम से श्रद्धा के पुष्प अर्पित किए। स्वामी रामचरणजी महाराज की महाआरती तथा आचार्यश्री के सानिध्य में गुरु पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रामद्वारा धाम को विशेष रूप से सजाया गया और पूरे आयोजन में गुरु भक्ति का वातावरण बना रहा।

गुरु पूर्णिमा के विशेष सत्संग को संबोधित करते हुए आचार्य रामदयालजी महाराज ने कहा कि जीवन में गोविन्द की प्राप्ति का मार्ग सद्गुरु ही बताते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु की कृपा ही गोविन्द की कृपा है और गुरु की कृपा के बिना गोविन्द की प्राप्ति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जीवन में ध्यान करने से महात्मा मिलते हैं और महात्मा मिल जाएं तो परमात्मा भी मिल जाते हैं। देवर्षि नारद के चरित्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि परमात्मा की भी समस्याओं का समाधान गुरु ही करते हैं। गुरु ही शिष्य को परमात्मा की पहचान कराते हैं और गुरु के बिना यदि परमात्मा मिल भी जाएं तो उनकी पहचान नहीं हो सकती। सद्गुरु की कृपा जिस पर हो जाए, वह ईश्वर का साक्षात्कार कर सकता है।

आचार्यश्री ने कहा कि विदेशों की पहचान धन से होती है, जबकि भारत की पहचान गुरु और धर्म से होती है। उन्होंने कहा कि गुरु कृपा से ही प्राणी का नीचे की ओर जाने वाला मन ऊपर की ओर उठता है। जैसे पानी को ऊपर पहुंचाने के लिए एचपी मोटर (यंत्र) की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार मन को ऊपर उठाने के लिए तंत्र की आवश्यकता होती है और दोनों को ऊपर पहुंचाने वाला जो मंत्र है, वही गुरु शक्ति है। उन्होंने कहा कि जो गुरु के सम्मुख नहीं जा सकता, वह परमात्मा के सम्मुख भी नहीं जा सकता। उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में ‘गुरु महिमा’ को सदैव स्मरण रखने का आह्वान करते हुए कहा कि इसके जाप से परिवार में सुख और शांति आती है। उन्होंने कहा कि स्वामी रामचरणजी महाराज ऐसी ही साधना और गुरु भक्ति से ओतप्रोत थे। वे राम नाम के स्नेह में थे और जो उनके पीछे चला, वह रामस्नेही बन गया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उन्होंने सभी राष्ट्रवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी पर गुरु की कृपा बनी रहे, संपूर्ण राष्ट्र सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त करे, आतंकवाद से मुक्त हो तथा पूरे विश्व का कल्याण हो।

आचार्य रामदयालजी महाराज ने ‘विश्व शांति कल्याण’ चातुर्मास का लाभ प्राप्त कर रहे अजमेरा, ईनाणी और गगरानी परिवार की सराहना करते हुए कहा कि ये तीनों परिवार चातुर्मास के आधार स्तम्भ बने हुए हैं।

आचार्यश्री से पूर्व अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय के प्रखर वक्ता संत मनोरथरामजी आलोट ने मानस प्रवचन किया। संत प्रीतमरामजी, संत रामजसजी तथा आत्म शिष्य भाई मनन ने भजनों की प्रस्तुति दी। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भीलवाड़ा सहित देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भजनों के माध्यम से गुरु चरणों में श्रद्धाभाव अर्पित किए। कई श्रद्धालुओं ने अपने विचारों के माध्यम से भी भाव अभिव्यक्त किए।

प्रवचन के बाद आचार्य रामदयालजी महाराज के सानिध्य में स्वामी रामचरणजी महाराज की महाआरती हुई, जिसमें हजारों श्रद्धालु भक्तिभाव के साथ शामिल हुए। महाआरती में कई श्रद्धालु अपने घरों से सुसज्जित आरती भी साथ लेकर पहुंचे थे। आरती के बाद आचार्यश्री के सानिध्य में गुरु पूजन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। गुरु पूजन करने वालों में अन्तरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल सहित विभिन्न संगठनों के अनेक प्रतिनिधि भी शामिल हुए। सुबह रामधुनी से पहले और उसके बाद भी गुरु पूजन एवं दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का लगातार आगमन होता रहा।

इस अवसर पर आचार्य रामदयालजी महाराज ने रामस्नेही चिकित्सालय की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह भीलवाड़ा में पीड़ित मानवता की सेवा का प्रमुख केन्द्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि आगामी रविवार, 2 अगस्त को रामद्वारा धाम में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक रक्तदान करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि यदि आपके रक्त की दो बूंद से किसी को नई जिंदगी मिलती है तो इससे बड़ा महायज्ञ कोई नहीं हो सकता। उन्होंने श्रद्धालुओं से राम-राम बोलते हुए मुस्कराकर रक्तदान करने का आह्वान किया। गुरु पूर्णिमा पर आयोजित यह महोत्सव गुरु भक्ति, आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक सेवा और विश्व कल्याण के संदेश के साथ संपन्न हुआ।

Anshul Toshniwal, Bhilwara

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नाम: अंशुल तोषनीवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): सभी प्रकार के समाचार (General Reporting)

अनुभव: 6 माह

परिचय 

अंशुल तोषनीवाल भीलवाड़ा जिले से न्यूज़ वेबसाइट के लिए रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह भीलवाड़ा जिले और उसके अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों की स्थानीय घटनाओं, प्रशासनिक गतिविधियों, क्राइम, राजनीति और जनहित से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

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अंशुल तोषनीवाल शैक्षणिक रूप से इंजीनियर (Engineer) हैं। उनकी तकनीकी और विश्लेषणात्मक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों को सटीकता से समझने और प्रस्तुत करने में मदद करती है।

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