भीलवाड़ा: विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर राज्यपाल ने दिया शांति और आत्मशुद्धि का संदेश
भीलवाड़ा में जीतो द्वारा आयोजित समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मंत्री गौतम दक और सांसद दामोदर अग्रवाल ने अहिंसा व मानवीय मूल्यों पर विचार रखे।

भीलवाड़ा के मेडिसिटी ग्राउण्ड में गुरुवार को आयोजित विश्व नवकार महामंत्र दिवस समारोह के दौरान मंच पर संबोधित करते राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े एवं उपस्थित अन्य अतिथिगण।
भीलवाड़ा, 09 अप्रैल। भीलवाड़ा के मेडिसिटी ग्राउण्ड में जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) द्वारा आयोजित विश्व नवकार महामंत्र दिवस समारोह में राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस पावन अवसर पर उन्होंने समाज में शांति और समृद्धि का आह्वान करते हुए कहा कि नवकार महामंत्र किसी एक व्यक्ति विशेष की स्तुति नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में रची-बसी आत्मशुद्धि, आस्था एवं साधना का प्रतीक है। यह महामंत्र मानव को भीतर से सशक्त बनाकर उसे उच्चतर जीवन मूल्यों की ओर अग्रसर करता है।
प्राचीनतम पावन मंत्र और मानवीय मूल्य
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि "नवकार महामंत्र विश्व के प्राचीनतम एवं पावन मंत्रों में से एक है, जो अहिंसा, अपरिग्रह एवं अनेकांतवाद जैसे सिद्धांतों पर आधारित है। यह मंत्र न केवल आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है, बल्कि समाज में शांति, समृद्धि एवं सुरक्षा का भी संदेश देता है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में इसकी प्रासंगिकता और भी अधिक बढ़ गई है।" राज्यपाल ने जैन धर्म की महान परंपरा का उल्लेख करते हुए बताया कि तीर्थंकरों ने क्रोध, मोह एवं द्वेष जैसे आंतरिक शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर आत्मज्ञान एवं मोक्ष का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में इन विकारों का त्याग कर आत्मोन्नति की दिशा में अग्रसर हो।
वैश्विक संघर्षों के बीच महावीर का संदेश
कार्यक्रम में सहकारिता विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम दक ने वैश्विक शांति पर जोर देते हुए कहा कि "वर्तमान समय में विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे संघर्ष एवं युद्ध मानवता के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसे परिदृश्य में भगवान महावीर द्वारा दिया गया 'जियो और जीने दो' का संदेश अत्यंत प्रासंगिक है। अहिंसा ही विश्व शांति का एकमात्र मार्ग है और इसे हमें अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।" उन्होंने अपरिग्रह के सिद्धांत पर बल देते हुए कहा कि समाज में बढ़ती दिखावे की प्रवृत्ति को नियंत्रित करते हुए हमें जरूरतमंदों के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लेना चाहिए।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और आध्यात्मिक शुद्धि
सांसद श्री दामोदर अग्रवाल ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि "भारत की समृद्ध संस्कृति अहिंसा, सद्भावना एवं विश्व कल्याण के मूल्यों पर आधारित है। हमारी परंपराओं में निहित संदेश—'धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो'—मानवता के उत्थान का मार्ग प्रशस्त करते हैं।" इसी क्रम में विधायक श्री अशोक कोठारी ने जैन दर्शन के अनुमोदना सिद्धांत की व्याख्या करते हुए कहा कि "जिन आदर्शों के प्रति श्रद्धा होती है, उनका अनुसरण स्वाभाविक रूप से होता है। नवकार महामंत्र के नियमित जाप से मन एवं हृदय की शुद्धि होती है तथा व्यक्ति मोक्ष के मार्ग की ओर अग्रसर होता है।"
सामूहिक जाप और गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह द्वारा नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप किया गया, जिससे सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया। इस अवसर पर मंच पर वाईस चेयरमैन जीतो अपेक्स श्री महावीर सिंह चौधरी, चेयरमैन जीतो भीलवाड़ा श्री मीठालाल सिंघवी, और संरक्षक जीतो भीलवाड़ा श्री त्रिलोक चन्द छाबडा मौजूद रहे। समारोह में माण्डलगढ़ विधायक श्री गोपाल लाल, सहाड़ा विधायक श्री लादुलाल पितलिया, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री प्रशांत मेवाडा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। इससे पूर्व, हेलीपैड पहुँचने पर जिला कलक्टर श्री जसमीत सिंह संधू एवं पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह यादव ने राज्यपाल का बुके देकर स्वागत अभिनंदन किया। आयोजन के सफल संचालन हेतु आयोजक संस्था द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।

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