भीलवाड़ा | 01 फरवरी


बुनियादी मुद्दों की अनदेखी

स्टेट फेडरेशन ऑफ यूनेस्को एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक गोपाल लाल माली ने केन्द्रीय बजट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि "बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।" आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिससे मध्यम वर्ग को किसी तरह की राहत नहीं मिली।

महंगाई और राज्य के विकास पर निराशा

माली ने कहा कि महंगाई नियंत्रण को लेकर भी बजट में कोई ठोस और कारगर प्रावधान नहीं किए गए हैं। राजस्थान में भाजपा की सरकार होने के बावजूद राज्य के विकास के लिए कोई बड़ी या महत्वपूर्ण घोषणा न होना बेहद निराशाजनक है।

विफल दावों का विश्लेषण

  • विकास के खोखले दावों के साथ यह केंद्रीय बजट एक बार फिर विफल साबित हुआ है।
  • बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने बजट में जो घोषणाएं कीं, उन पर आज तक पूरी तरह अमल नहीं हुआ।
  • इस बार भी बजट केवल घोषणाओं का पुलिंदा बनकर रह गया है।

आमजन की उम्मीदों पर पानी फिरा

उन्होंने कहा कि "लोगों को उम्मीद थी कि सोना-चांदी, डॉलर, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, लेकिन वित्त मंत्री ने इन ज्वलंत मुद्दों पर एक शब्द तक नहीं कहा।" इससे आमजन की उम्मीदों पर पानी फिर गया।

Pratahkal Newsroom

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