भीलवाड़ा जिले के गंगापुर में श्री बजरंग कीर्तन सांस्कृतिक कला मंडल के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह के तहत राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा में व्यास पीठ से पंडित आनंद कृष्ण जी शास्त्री ने संसार को दुःखों का सागर बताते हुए ईश्वर स्मरण को मोक्ष का साधन बताया। उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने और धर्म, सदाचार तथा परोपकार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

पंडित आनंद कृष्ण शास्त्री ने कहा कि मनुष्य जन्म से मृत्यु तक सुख की तलाश में भटकता रहता है, लेकिन सांसारिक मोह-माया में उलझकर उसे स्थायी सुख नहीं मिल पाता। मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं को ही सुख का आधार मान लेता है, जबकि वास्तविक शांति और संतोष ईश्वर की भक्ति, स्मरण तथा सद्कर्मों में निहित हैं। ईश्वर का स्मरण करने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन के दुखों तथा कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति प्राप्त होती है। ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास मनुष्य को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और धर्म पालन की शिक्षा देता है। इन आदर्शों पर चलकर मनुष्य अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। धार्मिक कथाओं का उद्देश्य केवल उनका श्रवण करना नहीं, बल्कि उनसे मिलने वाली शिक्षाओं को व्यवहार में उतारना भी है। मनुष्य जब अपने आचरण में धर्म, सदाचार और परोपकार को स्थान देता है, तभी उसका जीवन सही अर्थों में सफल बनता है।

कथा के दौरान पंडित आनंद कृष्ण शास्त्री ने भगवान के अवतार की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गौ माता, ब्राह्मणों और देवताओं की रक्षा तथा धर्म की स्थापना के लिए भगवान ने पृथ्वी पर अवतार लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कृति के संरक्षण के साथ मानवीय मूल्यों को बनाए रखने का संदेश दिया।

श्री बजरंग कीर्तन सांस्कृतिक कला मंडल के संरक्षक गंगासिंह चौहान ने बताया कि मंडल के स्वर्ण जयंती समारोह के अंतर्गत धार्मिक कार्यक्रमों की शृंखला जारी है। मंदिर परिसर में प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से नानी बाई के मायरे का वाचन किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रतिदिन आकर्षक झांकियों के साथ हरिकीर्तन का आयोजन भी हो रहा है, जिसमें श्रद्धालु भक्ति भाव से भाग ले रहे हैं।

मंडल के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इन धार्मिक कार्यक्रमों से क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है। राम कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को ईश्वर भक्ति, धर्म, संस्कार और सदाचार का महत्व समझाने के साथ भगवान श्रीराम के आदर्शों को दैनिक जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी जा रही है।

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