गंगापुर नपा चुनाव में सियासी यू-टर्न, रेखा हिरण के प्रस्तावक ने बदला पाला
गंगापुर नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव में रेखा हिरण के प्रस्तावक की कांग्रेस में वापसी से सियासी समीकरण बदले, अब नामांकन वापसी पर नजर है।

गंगापुर नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में नामांकन जांच पूरी होते ही सियासी समीकरणों में अचानक बदलाव सामने आया है। कांग्रेस की ओर से प्रीति काकाणी और भाजपा की ओर से विंकल सिंघवी के नामांकन वैध पाए गए हैं। वहीं कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरीं वार्ड 23 की पार्षद रेखा हिरण का नामांकन भी वैध घोषित किया गया है। दूसरी ओर कांग्रेस पार्षद ललिता सांखला का नामांकन सिंबल के अभाव में खारिज हो गया।
नामांकन जांच के बाद सबसे अधिक चर्चा रेखा हिरण के सियासी समीकरणों को लेकर है। जिस पार्षद के प्रस्तावक बनकर रेखा हिरण ने अध्यक्ष पद की अपनी दावेदारी को मजबूती देने की कोशिश की थी, वही प्रस्तावक अब कांग्रेस खेमे में वापस लौट गया है। प्रस्तावक के इस बदलाव से गंगापुर की नगरपालिका चुनावी राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
प्रस्तावक के कांग्रेस खेमे में लौटने के बाद रेखा हिरण के पास फिलहाल अपना वोट ही रह जाने की चर्चा है। ऐसे में अध्यक्ष पद की दावेदारी का गणित बदलता नजर आ रहा है। राजनीतिक हलकों में अब यह सवाल उठ रहा है कि प्रस्तावक के वापस लौटने के बाद क्या नामांकन वापसी के साथ सियासी कहानी नया मोड़ लेगी।
इधर कांग्रेस खेमे में नाराज चल रहे पार्षद के वापस लौटने से प्रीति काकाणी के पक्ष में फिलहाल स्थिति मजबूत होने की चर्चा है। हालांकि अंतिम तस्वीर पार्षदों के समर्थन और मतदान के समय बनने वाले समीकरणों पर निर्भर करेगी।
रेखा हिरण के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में बने रहने से कांग्रेस के सामने अपने ही खेमे की चुनौती कायम है। इसी बीच कांग्रेस नेताओं और आलाकमान की ओर से रेखा हिरण से सुलह के प्रयास तेज किए जाने की चर्चा है। पार्टी के नेता उन्हें मनाकर वापस कांग्रेस खेमे में लाने और नामांकन वापस करवाने की कवायद में जुटे होने की बात कही जा रही है।
गंगापुर की सियासत में फिलहाल नामांकन से ज्यादा मान-मनुहार की राजनीति चर्चा में है। एक ओर प्रीति काकाणी की दावेदारी कायम है, दूसरी ओर भाजपा से विंकल सिंघवी मैदान में हैं और तीसरी ओर रेखा हिरण का निर्दलीय नामांकन कांग्रेस के लिए अंदरूनी चुनौती बना हुआ है।
अब निगाहें नामांकन वापसी की प्रक्रिया पर टिकी हैं। रेखा हिरण मैदान में रहती हैं या कांग्रेस से सुलह कर वापस खेमे में लौटती हैं, यह आने वाला समय बताएगा। प्रस्तावक के कांग्रेस खेमे में लौटने के बाद रेखा हिरण की संभावित वापसी और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उनके मैदान में बने रहने को लेकर गंगापुर नगरपालिका अध्यक्ष पद का मुकाबला फिलहाल सियासी चर्चाओं के केंद्र में बना हुआ है।

