गंगापुर नगरपालिका वार्ड 7 में चुनावी घमासान, भाजपा-कांग्रेस के दो ब्राह्मण चेहरे आमने-सामने
गंगापुर नगरपालिका वार्ड 7 में भाजपा के सुरेश तिवारी और कांग्रेस की रानी सुनील त्रिपाठी आमने-सामने हैं। ब्राह्मण वोटों पर नजरें टिकी हैं।

तस्वीर में गंगापुर नगरपालिका चुनाव के वार्ड नंबर सात के दो प्रत्याशियों का पोस्टर दिख रहा है।
गंगापुर नगरपालिका चुनाव महासंग्राम में वार्ड नंबर 7 का मुकाबला अब बेहद दिलचस्प होता नजर आ रहा है। भाजपा प्रत्याशी सुरेश तिवारी और कांग्रेस प्रत्याशी रानी सुनील त्रिपाठी के आमने-सामने होने से चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में लगातार जनसंपर्क के दौरान समर्थकों और कार्यकर्ताओं का जनसैलाब उमड़ रहा है।
भाजपा वार्ड कार्यालय के उद्घाटन के बाद सुरेश तिवारी ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकते हुए घर-घर दस्तक देना शुरू कर दिया है। जनसंपर्क अभियान के दौरान भाजपा कार्यकर्ता भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं।
सुरेश तिवारी पूर्व में भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और लंबे समय से भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ एवं कद्दावर नेताओं से उनकी नजदीकी और संगठन में लंबे राजनीतिक अनुभव का फायदा भी इस चुनाव में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है।
वहीं, कांग्रेस पार्टी की ओर से रानी सुनील त्रिपाठी भी चुनावी मैदान में ताल ठोक रही हैं। ऐसे में वार्ड नंबर 7 का मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर के साथ-साथ सामाजिक समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि भाजपा के सुरेश तिवारी और कांग्रेस की रानी सुनील त्रिपाठी दोनों ब्राह्मण समाज से आते हैं। ऐसे में ब्राह्मण मतदाताओं का वोट यदि दोनों प्रत्याशियों के बीच विभाजित होता है तो वार्ड के चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। हालांकि, ब्राह्मण मतदाताओं का वास्तविक रुख मतदान के दिन ही स्पष्ट होगा।
वार्ड में चुनावी चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है। चाय की थड़ियों से लेकर मोहल्लों की चौपालों तक अब यही सवाल तैर रहा है कि राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक पकड़ के दम पर सुरेश तिवारी बढ़त बनाएंगे या कांग्रेस प्रत्याशी रानी सुनील त्रिपाठी समीकरणों को अपने पक्ष में मोड़ने में कामयाब रहेंगी।
चुनाव में सिर्फ जातीय समीकरण ही नहीं, बल्कि प्रत्याशियों की व्यक्तिगत छवि, मतदाताओं से संपर्क, स्थानीय मुद्दे, पार्टी संगठन और बूथ स्तर की रणनीति भी अहम भूमिका निभाएगी। दोनों ही दल अपने-अपने प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हुए हैं।
फिलहाल वार्ड नंबर 7 में चुनावी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। दो प्रमुख ब्राह्मण चेहरों के आमने-सामने होने से मुकाबले पर पूरे गंगापुर की नजरें टिकी हैं। ब्राह्मण वोटों का बंटवारा हुआ तो इसका फायदा किसे मिलेगा और अन्य समाजों के मतदाता किस प्रत्याशी के पक्ष में लामबंद होंगे, यही वार्ड नंबर 7 के चुनावी नतीजे की दिशा तय करने वाले प्रमुख सवाल होंगे।
अब देखना दिलचस्प होगा कि चुनावी रण में किसका संपर्क अभियान रंग लाता है और मतदान के दिन वार्ड की जनता किस प्रत्याशी के पक्ष में अपना फैसला सुनाती है।

