गंगापुर में कांग्रेस का कब्जा बरकरार, प्रीति काकाणी बनीं नगरपालिका अध्यक्ष
गंगापुर नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस ने तीसरी बार बोर्ड पर कब्जा जमाया। प्रीति काकाणी अध्यक्ष निर्वाचित हुईं। लखन काकाणी की चुनावी रणनीति और संगठन की भूमिका चर्चा में रही, अब विकास कार्यों की चुनौती सामने है।

तस्वीर में बाएं से दाएं लखन काकाणी और नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रीति काकाणी हाथ जोड़कर खड़े दिखाई दे रहे हैं.
गंगापुर-भीलवाड़ा। गंगापुर नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस ने तीसरी बार नगरपालिका बोर्ड पर कब्जा जमाते हुए अध्यक्ष पद पर भी अपना नियंत्रण कायम रखा। चुनाव परिणामों से लेकर अध्यक्ष पद के निर्वाचन तक कांग्रेस खेमे में चली रणनीति और संगठनात्मक एकजुटता स्थानीय राजनीति में पार्टी की मजबूत पकड़ के रूप में सामने आई।
कांग्रेस की इस जीत में विधायक प्रत्याशी राजेंद्र त्रिवेदी, चुनाव संयोजक शंकरलाल जाट, संगठन प्रभारी देवी लाल अहीर और नगर अध्यक्ष धीरज चंदेल की टीम की भूमिका चर्चा में रही। चुनाव के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वार्ड स्तर पर लगातार सक्रियता बनाए रखी, जिसका असर चुनाव परिणामों में देखने को मिला।
वहीं युवा कांग्रेस नेता लखन काकाणी की चुनावी रणनीति और इलेक्शन मैनेजमेंट भी पूरे चुनाव के दौरान चर्चा का विषय रहा। स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, कुछ वार्डों में रणनीतिक स्तर पर किए गए प्रयासों से चुनावी समीकरण प्रभावित हुए और कांग्रेस को इसका लाभ मिला। इसी राजनीतिक मैनेजमेंट को कांग्रेस की सफलता के महत्वपूर्ण पहलुओं में गिना जा रहा है।
बोर्ड गठन के बाद अध्यक्ष पद के लिए प्रीति काकाणी के नाम पर कांग्रेस पार्षदों ने समर्थन जताया। अध्यक्ष पद के चुनाव में प्रीति काकाणी को निर्वाचित घोषित किया गया। उनके पक्ष में पार्षदों का खुला समर्थन कांग्रेस खेमे में बनी सहमति और एकजुटता के रूप में देखा गया।
अब कांग्रेस बोर्ड के सामने चुनावी जीत को शहर के विकास में बदलने की बड़ी चुनौती है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रीति काकाणी के सामने नगरपालिका का प्रभावी संचालन, शहर की मूलभूत समस्याओं का समाधान और विकास कार्यों को गति देने के साथ ही प्रशासन तथा विपक्षी विधायक के साथ बेहतर सामंजस्य बनाए रखने की चुनौती रहेगी।
चुनाव के दौरान सामने आए राजनीतिक मतभेदों और अलग-अलग समीकरणों के बाद अब सभी निर्वाचित पार्षदों को साथ लेकर चलना भी अध्यक्ष और कांग्रेस संगठन के लिए अहम होगा। जनता ने कांग्रेस को बोर्ड की जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में राजनीतिक रणनीति के बाद अब विकास और नगरपालिका के कामकाज की परीक्षा शुरू होगी।

