गंगापुर-भीलवाड़ा। गंगापुर नगरपालिका की नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रीति काकाणी के सख्त तेवरों के बाद नगरपालिका कार्मिक सफाई व्यवस्था को लेकर एक्शन मोड में नजर आने लगे हैं। शहर की सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए नगरपालिका प्रशासन ने नालों की सफाई का अभियान शुरू किया है। अध्यक्ष की ओर से लगातार निरीक्षण और कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाने के बाद शहर के प्रमुख नालों में जमा गंदगी और मलबा हटाने का काम शुरू हुआ है।

अभियान की शुरुआत शहर के बस स्टैंड क्षेत्र से हुई। यहां लंबे समय से नाले में जमा मलबे को नगरपालिका की टीम ने बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ साल बाद बस स्टैंड के नाले की सफाई की गई, जिससे इसमें जमा गंदगी और कचरा हटाया गया। नाले से मलबा बाहर निकलने के बाद क्षेत्र की सफाई व्यवस्था में बदलाव नजर आने लगा है।



नगरपालिका अध्यक्ष प्रीति काकाणी ने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर स्पष्ट किया है कि गंगापुर को स्वच्छ और व्यवस्थित शहर बनाना नगरपालिका की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सफाई कर्मचारियों और संबंधित कार्मिकों को शहर के नालों, सार्वजनिक स्थानों और प्रमुख बाजार क्षेत्रों में नियमित सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

अध्यक्ष प्रीति काकाणी ने कहा कि सफाई केवल नगरपालिका की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें शहरवासियों की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से घरों और दुकानों से निकलने वाले कचरे को सड़क या खुले स्थानों पर नहीं डालने तथा निर्धारित कचरा पात्र में ही कचरा डालने की अपील की। नगरपालिका का कचरा संग्रहण टीपर आने पर कचरा सीधे टीपर में डालने की आदत विकसित करने का भी आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि सड़क किनारे अथवा खुले में कचरा डालने से गंदगी फैलती है और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। शहर को स्वच्छ रखने के लिए नगरपालिका के सफाई अभियान के साथ आमजन की सहभागिता भी जरूरी है।

नगरपालिका अध्यक्ष ने ‘फिट गंगापुर’ के संकल्प की दिशा में सफाई व्यवस्था पर भी फोकस किया है। उन्होंने कहा कि शहर का विकास केवल सड़क और भवनों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छ वातावरण भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक को अपने स्वास्थ्य को शहर की सफाई व्यवस्था से जोड़कर देखना चाहिए।

उन्होंने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा, “स्वच्छ गंगापुर की जिम्मेदारी सिर्फ नगरपालिका की नहीं, बल्कि हर नागरिक की है। अगर हम खुले में कचरा डालना बंद कर दें और कचरे को निर्धारित स्थान पर ही डालें तो शहर को साफ रखने में नगरपालिका के प्रयासों को बड़ी मजबूती मिलेगी।”

नगरपालिका प्रशासन की ओर से नालों की सफाई का काम शुरू होने के बाद अब शहरवासियों की नजर इस बात पर है कि सफाई अभियान कितनी नियमितता के साथ आगे बढ़ता है और लंबे समय से उपेक्षित क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था किस तरह सुधरती है।

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