गंगापुर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम, बच्चों को बताए अधिकार
बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के अधिकार को लेकर महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय और इंदिरा गांधी माध्यमिक विद्यालय में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किए गए।

गंगापुर के विद्यालय में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में विद्यार्थियों को कानून की जानकारी दी गई।
गंगापुर, भीलवाड़ा। बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को गंगापुर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे कार्यक्रम के अंतर्गत तालुका विधिक सेवा समिति, गंगापुर की ओर से आयोजित इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने के प्रति जागरूक किया गया।
तालुका विधिक सेवा समिति के सचिव निखिलेश जीनगर ने बताया कि महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, गंगापुर तथा इंदिरा गांधी माध्यमिक विद्यालय, गंगापुर में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में “सुरक्षित स्थान, जहां सपनों को पंख मिलते हैं : अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाओ, अपनी सुरक्षा के लिए मजबूती से खड़े रहो। जहां शिक्षा होती है, वहां कोई बच्चा असुरक्षित नहीं होना चाहिए” विषय के माध्यम से विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि यह कानून देश में समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्राप्त है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा के समान अवसर मिलना जरूरी है, ताकि आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियां उसकी पढ़ाई में बाधा न बनें।
शिविर के दौरान विद्यालयों में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं, प्रशिक्षित शिक्षकों, सुरक्षित वातावरण और भेदभाव रहित शिक्षा की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों की सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। इसके साथ ही पात्र बच्चों के लिए प्रवेश स्तर पर 25 प्रतिशत सीटों के प्रावधान की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में अधिवक्ता मृदुल तिवारी एवं अधिवक्ता अंशुल सुखवाल ने मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, शिक्षा के महत्व और सुरक्षित वातावरण की आवश्यकता के बारे में जागरूक किया। इस दौरान पीएलवी नारायण लाल सरगरा एवं राजेंद्र टेलर सहित दोनों विद्यालयों के प्रधानाचार्य, अध्यापकगण एवं अन्य उपस्थित रहे।
विधिक जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया गया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित माहौल में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। अपने अधिकारों की जानकारी और उनके प्रति जागरूकता बच्चों को सुरक्षा, समान अवसर और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

