उपकारागृह गंगापुर का विधिक सेवा प्राधिकरण ने किया निरीक्षण, बंदियों से संवाद कर परखी सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्थाएं
गंगापुर (भीलवाड़ा) उपकारागृह का राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर निरीक्षण किया गया। सचिव रश्मि आर्य ने बंदियों से संवाद कर भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण में मिली कमियों पर जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

गंगापुर उपकारागृह के बाहर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य, जेल प्रशासन के अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद हैं।
गंगापुर (भीलवाड़ा) स्थित उपकारागृह का सोमवार को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, भोजन व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा प्रबंधों का गहनता से अवलोकन करते हुए व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भीलवाड़ा की सचिव रश्मि आर्य ने उपकारागृह में निरुद्ध बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने बंदियों से भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सुविधाओं, मूलभूत आवश्यकताओं, सुरक्षा व्यवस्था तथा दैनिक दिनचर्या के संबंध में विस्तार से चर्चा की और व्यवस्थाओं को लेकर उनका फीडबैक प्राप्त किया।
निरीक्षण के दौरान जेल परिसर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की संख्या, उनकी कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही जेल प्रशासन से भोजन वितरण की समय-सारणी, स्वच्छता व्यवस्था तथा बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई।
निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों और आवश्यक सुधारों के संबंध में अधिकारियों ने जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाए जाने पर बल दिया। अधिकारियों ने कहा कि बंदियों को मानवीय गरिमा के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा उनके अधिकारों की रक्षा करना न्यायिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के समय उपकारागृह, गंगापुर में कुल 42 बंदी निरुद्ध पाए गए। निरीक्षण दल ने जेल प्रशासन को बंदियों की सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निजी सहायक दीपक अग्रवाल, तालुका विधिक सेवा समिति के शिवराज धाकड़, उपकारापाल देशराज सिंह, पीएलवी राजेंद्र टेलर सहित जेल प्रशासन के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के माध्यम से बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का व्यापक मूल्यांकन किया गया।

