गंगापुर में शैक्षिक सम्मेलन आयोजित, 1000 से अधिक शिक्षकों ने लिया भाग
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के दो दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन शिक्षकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं पर गहन मंथन किया।

तस्वीर में मंच पर पोडियम के पास खड़े व्यक्ति कार्यक्रम को संबोधित करते दिख रहे हैं।
गंगापुर। “हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ” के भाव लेकर कार्य करें, तभी छात्र संस्कारित होंगे और शिक्षक कर्तव्य पथ पर सफल रहेंगे। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भंवर सिंह राठौड़ ने यह विचार पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गंगापुर में आयोजित दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन के प्रथम दिन जिले के सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
सम्मेलन में हुरड़ा, बिजोलिया, मांडलगढ़, मांडल, गुलाबपुरा, सुवाणा, भीलवाड़ा शहर, रायपुर, करेड़ा और आसींद सहित 10 शाखाओं के 1000 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। शिक्षकों ने सम्मेलन के दौरान शिक्षक समस्याओं पर मंथन किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता चित्तौड़ प्रांत के प्रांत प्रमुख मुख्य मार्ग राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भूपेंद्र आचार्य ने संत रविदास के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए उनके प्रेरक जीवन से सीख लेने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि एवं जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र कुमार गग्ड़ ने कहा कि कर्तव्यों के साथ-साथ संस्कारों को भी महत्व दें।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के सेवानिवृत्त शिक्षक प्रकोष्ठ की प्रदेश सहसंयोजिका सुशीला जाट और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सहाड़ा नरोत्तम कुमार दाधीच विशिष्ट अतिथि रहे। जिला अध्यक्ष सुरेश बड़वा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि जिला मंत्री ईश्वर सिंह ने संगठन का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
सम्मेलन में सेवानिवृत्त हो चुके एवं इस वर्ष सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों, विशेष योगदान देने वाले भामाशाहों सहित प्रदेश पदाधिकारियों का गौ माता का मोमेंटो देकर सम्मान किया गया। समस्त कार्यक्रम का संचालन जिला सह मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र वैष्णव ने किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में पीएमसी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गंगापुर की छात्राओं ने राजस्थानी नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद राष्ट्रीय रंगकर्मी भवानी शंकर भट्ट के नेतृत्व में बालिका सम्मान पर सुंदर नाटिका प्रस्तुत की गई। प्रस्तुति के बाद पूरे पंडाल में मौजूद हजारों शिक्षकों ने खड़े होकर कलाकारों के सम्मान में तालियां बजाकर आभार जताया।
कार्यक्रम के संयोजक बालमुकुंद वैष्णव ने समस्त अतिथियों का स्वागत-अभिनंदन किया। कार्यक्रम के अंत में मंत्री विभुराज सिंह चौहान ने समस्त अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
शैक्षिक सम्मेलन के दूसरे दिन 19 सितंबर शनिवार को दो सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नरोत्तम दाधीच और अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की प्रदेश सह संयोजिका सुशीला जाट की उपस्थिति में शिक्षकों की समस्याओं पर मंथन किया जाएगा।

