गंगापुर न्यूज: फूल वाली पार्टी के मुखिया की नाराजगी और पुलिस कार्रवाई
गंगापुर नगरपालिका मेले के निमंत्रण पत्र से नाम गायब होने और सोशल मीडिया टिप्पणियों के बाद सियासी चर्चाओं का बाजार गर्म है।

गंगापुर-भीलवाड़ा। गंगापुर की स्थानीय राजनीति में फूल वाली पार्टी के एक नौसिखिया मुखिया को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। नगरपालिका चुनाव में अर्धांगिनी को टिकट नहीं मिलने से शुरू हुई कथित नाराजगी अब सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणियों, नगरपालिका के विशाल मेले के निमंत्रण पत्र में नाम नहीं होने और देर रात हुई पुलिस कार्रवाई की चर्चाओं तक पहुंच गई है। इस पूरे घटनाक्रम को पार्टी के भीतर चल रहे सियासी समीकरणों और ‘माननीय’ के साथ कथित तल्खी से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि नगरपालिका चुनाव के दौरान मनमाफिक टिकट नहीं मिलने के बाद मुखिया के तेवर बदल गए थे। पार्टी के भीतर असंतोष और सोशल मीडिया पर की गई तीखी टिप्पणियों को लेकर भी चर्चाएं होती रहीं। इसी बीच देर रात पुलिस कार्रवाई का घटनाक्रम सामने आने की बात कही जा रही है, जिसने स्थानीय सियासत में चल रही चर्चाओं को और हवा दे दी।
ताजा मामला नगरपालिका के विशाल मेले के निमंत्रण पत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि निमंत्रण पत्र में नाम नहीं होने से मुखिया नाराज हैं। अब सवाल उठ रहे हैं कि नाम छूटना महज एक चूक थी या इसके पीछे संगठन के भीतर चल रही खींचतान की भी कोई भूमिका है। हालांकि, इस संबंध में किसी आधिकारिक पुष्टि का उल्लेख सामने नहीं आया है।
इस घटनाक्रम को ‘माननीय’ और मुखिया के बीच कथित तल्खी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सियासी चर्चाओं के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पूरे मामले की वास्तविक स्थिति क्या है। मुखिया यदि मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखते हैं तो इन चर्चाओं पर विराम लग सकता है और घटनाक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
गंगापुर की राजनीति में यह चर्चा भी चल रही है कि नगरपालिका चुनाव के समय से ही क्या मुखिया की पार्टी में राजनीतिक अहमियत कम होने लगी थी। अधिकारियों को कथित तौर पर धमकाने और अवैध वसूली से जुड़ी शिकायतों की चर्चाएं भी सुनाई देती हैं। हालांकि, इन गंभीर आरोपों के समर्थन में प्रमाण या आधिकारिक पुष्टि के अभाव में इन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
इस बीच सोशल मीडिया पर की गई टीका-टिप्पणी को लेकर पुलिस तक शिकायत पहुंचने और थाने में दोनों पक्षों के बीच समझाइश कराए जाने की जानकारी सामने आई है। गंगापुर थाना प्रभारी पूरण मल मीणा ने बताया, "सोशल मीडिया पर टीका टिप्पणी को लेकर शिकायत आई थी, थाने पर दोनों पक्षों में समझाइश की, पंचायत चुनाव में विवाद बढ़ सकता था इसलिए पुलिस ने समझाइश का रास्ता अख्तियार किया।"
थाना प्रभारी के बयान के अनुसार, सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों को लेकर शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर समझाइश की। पंचायत चुनाव के दौरान विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने समझाइश का रास्ता अपनाया। इस घटनाक्रम ने टिकट वितरण से शुरू हुई नाराजगी और सोशल मीडिया पर चल रही बयानबाजी को लेकर जारी चर्चाओं के बीच पुलिस की भूमिका को भी चर्चा में ला दिया है।
फिलहाल, नगरपालिका के विशाल मेले के निमंत्रण पत्र में नाम नहीं होने से जुड़ी कथित नाराजगी, ‘माननीय’ और मुखिया के बीच बताई जा रही तल्खी तथा देर रात पुलिस कार्रवाई को लेकर गंगापुर के राजनीतिक गलियारों में बहस जारी है। चौराहों पर लोग अपने-अपने सियासी विश्लेषण कर रहे हैं और संगठन के भीतर चल रहे समीकरणों को समझने की कोशिश में जुटे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुखिया सामने आकर अपना पक्ष रखते हैं या फूल वाली पार्टी के भीतर चल रही यह सियासी खींचतान आने वाले दिनों में कोई नया मोड़ लेती है।

