भीलवाड़ा में खौफ का अंत: दिनदहाड़े सूने मकानों को निशाना बनाने वाला शातिर बागरिया गिरोह दबोचा, पुलिस रिमांड पर चारों आरोपी
भीलवाड़ा के आसींद में दिनदहाड़े चोरी करने वाले बागरिया गिरोह के चार आरोपी गिरफ्तार। कालुराम, महावीर, रामस्वरूप और मदन ने दो थाना क्षेत्रों के चार सूने मकानों से लाखों के जेवरात और नकदी पार की थी। पुलिस रिमांड में आरोपियों से पूछताछ और बरामदगी जारी है। जानिए कैसे रैकी कर देते थे वारदात को अंजाम।

भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा और इसके आस-पास के ग्रामीण अंचलों में दिनदहाड़े चोरी की वारदातों से दहशत फैलाने वाले एक शातिर गिरोह का आसींद पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। बीते शुक्रवार को दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों के तीन गांवों में कोहराम मचाने वाले इस गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को पुलिस ने कड़े सुरक्षा घेरे में गिरफ्तार किया है। पकड़े गए बदमाशों ने जिस दुस्साहस के साथ सूने मकानों को अपना निशाना बनाया, उसने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे, लेकिन आसींद पुलिस की मुस्तैदी ने आखिरकार इन अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
पुलिस की गिरफ्त में आए इन आरोपितों की पहचान गांछा बस्ती, शाहपुरा निवासी कालुराम उर्फ कालु बागरिया उर्फ भूरा (24) पुत्र जगदीश बागरिया, शिवनगर उर्फ सोनगर गागेडा निवासी महावीर (25) पुत्र छगनलाल बागरिया, देवलिया कलां निवासी रामस्वरूप बागरिया (19) पुत्र मिश्रीलाल और आदर्शनगर, गुलाबपुरा निवासी मदन (20) पुत्र रामेश उर्फ रामेश्वर बागरिया के रूप में हुई है। प्रकरण संख्या 32/2026 के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इन चारों को आसींद न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायाधीश ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। वर्तमान में पुलिस टीम आरोपियों से चोरी किए गए माल की बरामदगी के लिए कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
वारदात को अंजाम देने का इस गिरोह का तरीका किसी पेशेवर अपराधी टोली से कम नहीं था। मामले की तफ्तीश कर रहे दीवान राजेंद्र सिंह ने गिरोह के 'मोडस ऑपेरंडी' का खुलासा करते हुए बताया कि ये बदमाश सबसे पहले गांवों में घूमकर उन मकानों की पहचान करते थे जो दिन के समय सूने रहते थे। सटीक रैकी करने के बाद जैसे ही मौका मिलता, गिरोह धावा बोल देता था। सुरक्षा के लिहाज से दो बदमाश घर के भीतर घुसकर तिजोरियां खंगालते थे, जबकि उनके दो अन्य साथी बाहर खड़े होकर हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखते थे। इसी रणनीति के तहत उन्होंने शंभुगढ़ थाना क्षेत्र के कालियास गांव में सुखदेव सिंह पंवार के निवास और आसींद के ब्राह्मणों की सरेड़ी में दिनेश पुत्र जगदीश सिरोठा के घर को निशाना बनाया। इसके अलावा आसींद के फुटिया चौराया पर स्थित राजू कुम्हार के घर में भी इन्होंने दिनदहाड़े सेंधमारी की।
इन वारदातों ने सबसे ज्यादा नुकसान दिनेश सिरोठा के परिवार को पहुँचाया, जिनके घर से बदमाशों ने लगभग दस तोला सोना, दो किलो चांदी के जेवरात और पचास हजार रुपये की नकदी पार कर दी थी। जिस वक्त ये चोर घरों में तांडव मचा रहे थे, उस समय सभी पीड़ित परिवार अपने खेतों में काम करने गए हुए थे। पुलिस द्वारा इस गिरोह की गिरफ्तारी न केवल क्षेत्र में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि इससे उन ग्रामीणों में भी विश्वास बहाली होगी जो पिछले कई दिनों से असुरक्षा के साये में जी रहे थे। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से अन्य बड़ी वारदातों के राज भी खुल सकते हैं।

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