शुद्ध भावों से की गई भक्ति जीवन के सभी दुःख हर लेती है: भीलवाड़ा में श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव के तीसरे दिवस संत मुमुक्षु रामजी महाराज का ओजस्वी संदेश
भीलवाड़ा के अग्रवाल उत्सव भवन में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव के तीसरे दिवस संत मुमुक्षु रामजी महाराज ने सत्संग और शुद्ध भावों से की गई भक्ति का महत्व बताया। प्रहलाद चरित्र, नृसिंह अवतार और भजनों की रसधारा ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

भीलवाड़ा, 23 दिसंबर।
जीवन की आपाधापी और मानसिक अशांति के बीच यदि कोई साधन मनुष्य को शांति, आत्मज्ञान और सच्चे आनंद की अनुभूति कराता है, तो वह है सत्संग और परमात्मा की शुद्ध भावों से की गई भक्ति। यही भाव मंगलवार को शहर के रोडवेज बस स्टैंड के समीप स्थित अग्रवाल उत्सव भवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के तीसरे दिवस गूंजा, जब सोजत रामद्वारा के रामस्नेही संत श्री मुमुक्षु रामजी महाराज ने व्यास पीठ से कथा वाचन करते हुए भक्ति, सत्संग और आत्मकल्याण का गहन संदेश दिया।
पोरवाल परिवार की ओर से आयोजित इस धार्मिक महोत्सव में संत मुमुक्षु रामजी महाराज ने कहा कि सत्संग जीवन को संवारता है, जबकि कुसंगति मनुष्य को पतन की ओर ले जाती है। सत्संग के प्रभाव से भीतर का क्रोध शांत होता है और आत्मज्ञान का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्राणी में परमात्मा का वास है और शुद्ध भाव से लिया गया भगवान का नाम जीवन को आनंदमय बना देता है। भजन करने वाला व्यक्ति सांसारिक मोह से ऊपर उठकर सच्चे आनंद में रम जाता है।
तीसरे दिवस की कथा में देवहूति-कपिल संवाद, जड़भरत, अजामिल एवं भक्त प्रहलाद के चरित्रों का मार्मिक वाचन किया गया। संत ने बताया कि भगवान का नाम स्मरण करने वाला भवसागर से पार हो जाता है, जबकि उसे विस्मृत करने वाला जन्म-मरण के चक्र में फंसा रहता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भगवान अपने भक्त की भक्ति से ही प्रसन्न होते हैं, चाहे वह किसी भी स्थिति या पृष्ठभूमि का क्यों न हो। सच्चे मन और साधु भाव से किया गया स्मरण पापी और दुराचारी को भी मुक्ति की ओर ले जाता है।
प्रहलाद और ध्रुव के चरित्रों के माध्यम से संत मुमुक्षु रामजी महाराज ने सत्संग की शक्ति को रेखांकित किया और कहा कि भक्ति के लिए कोई आयु सीमा नहीं होती। उन्होंने श्रद्धालुओं को यह संदेश दिया कि भक्ति के लिए बुढ़ापे की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए, क्योंकि जीवन की अनिश्चितता किसी को भी ज्ञात नहीं। प्रहलाद चरित्र के प्रसंग में भगवान नृसिंह द्वारा हिरण्यकश्यप वध की कथा का सजीव वर्णन किया गया, जिससे यह संदेश स्पष्ट हुआ कि सच्ची भक्ति करने वाले भक्त की रक्षा स्वयं भगवान करते हैं।
कथा के दौरान भगवान नृसिंह और भक्त प्रहलाद की भव्य झांकी सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। बीच-बीच में भजनों की रसधारा प्रवाहित होती रही। “जाग मुसाफिर जाग”, “रामजी को नाम म्हाने मीठो धनो लागे” और “राम नाम की लूट है” जैसे भजनों पर श्रद्धालु स्वयं को थिरकने से रोक नहीं पाए।
इस अवसर पर रामस्नेही संत डॉ. रामस्वरूप शास्त्री का सानिध्य भी प्राप्त हुआ। कथा के समापन पर आरती के बाद व्यास पीठ का आशीर्वाद लेने वालों में प्रादेशिक माहेश्वरी महासभा के पूर्व अध्यक्ष कैलाश कोठारी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। पोरवाल परिवार के सदस्यों ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
श्रीमद् भागवत कथा का वाचन प्रतिदिन दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक किया जा रहा है। चौथे दिवस बुधवार, 24 दिसंबर को श्रीराम चरित्र एवं श्रीकृष्ण जन्म-नंदोत्सव प्रसंग का वाचन होगा, जबकि शाम 7.30 बजे रासलीला का आयोजन किया जाएगा। वहीं 26 दिसंबर को कथा स्थल पर भक्ति संध्या का आयोजन प्रस्तावित है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि श्रद्धालुओं के जीवन में आध्यात्मिक चेतना और भक्ति भाव को सशक्त रूप से जागृत कर रहा है।
- भीलवाड़ा श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव तीसरा दिवससंत मुमुक्षु रामजी महाराज प्रवचन भीलवाड़ाअग्रवाल उत्सव भवन भागवत कथा 23 दिसंबरप्रहलाद चरित्र नृसिंह अवतार कथा भीलवाड़ापोरवाल परिवार भागवत कथा आयोजनBhilwara Shrimad Bhagwat Katha third daySant Mumukshu Ramji Maharaj discourse BhilwaraPrahlad Charitra Narasimha avatar Katha RajasthanAgarwal Utsav Bhawan religious event Bhilwaraseven day Bhagwat Katha festival Bhilwara Rajasthan

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
