भीलवाड़ा में संत शिरोमणि रविदास जयंती पर सार्वजनिक अवकाश की मांग, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन
भीलवाड़ा में ऐरवाल (रैदास) समाज और गुरु संत रविदास मंदिर निर्माण समिति ने संत शिरोमणि रविदास जयंती पर राजस्थान में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। सामाजिक समरसता और समानता को लेकर उठी सशक्त आवाज।

भीलवाड़ा — सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के महान संदेशवाहक संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की आगामी जयंती को लेकर राजस्थान में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग ने आज भीलवाड़ा में संगठित और सशक्त रूप ले लिया। ऐरवाल (रैदास) समाज एवं गुरु संत रविदास मंदिर निर्माण समिति, त्रिवेणी संगम, भीलवाड़ा के संयुक्त तत्वावधान में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नाम जिला कलेक्टर को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें जनभावनाओं का स्पष्ट और संवेदनशील स्वर मुखर रूप से सामने आया।
इस अवसर पर समाज के प्रतिनिधि जीवन ऐरवाल ने बताया कि गुरु संत रविदास जी महाराज न केवल एक महान समाज सुधारक थे, बल्कि उन्होंने अपनी अमृतवाणी और कर्मयोग से जाति-भेद, ऊंच-नीच और सामाजिक असमानताओं के विरुद्ध जीवनपर्यंत संघर्ष किया। उनका दर्शन समानता, करुणा और भाईचारे पर आधारित था, जिसने उन्हें किसी एक वर्ग तक सीमित न रखकर संपूर्ण मानवता का पथप्रदर्शक बना दिया।
हेमराज ऐरवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि राजस्थान में ऐरवाल, बैरवा, जाटव, मेघवाल, रेगर सहित अनुसूचित जाति वर्ग की लगभग सभी जातियां गुरु रविदास जी को अपना आराध्य मानती हैं। भीलवाड़ा सहित पूरे प्रदेश में उनकी जयंती हर वर्ष अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। इस अवसर पर राज्यभर में बड़े पैमाने पर धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन होते हैं, जिनमें सर्व समाज की व्यापक सहभागिता देखने को मिलती है।
ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा से यह विनम्र अनुरोध किया गया कि सामाजिक आस्था, जनभावनाओं और व्यापक सहभागिता को दृष्टिगत रखते हुए संत शिरोमणि रविदास जयंती पर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए। समाज का मत है कि ऐसा निर्णय सामाजिक समरसता को और अधिक सुदृढ़ करेगा तथा संविधान में निहित समानता और बंधुत्व के मूल्यों को व्यवहारिक स्तर पर मजबूती प्रदान करेगा।
इस अवसर पर जीवन ऐरवाल अध्यक्ष अहिरवार ऐरवाल वि. वेलफेयर फाउंडेशन, हेमराज ऐरवाल डायरेक्टर, मंदिर निर्माण समिति से धनराज ऐरवाल, शिव लाल ऐरवाल, गिरिराज रैदास, प्रेमशंकर ऐरवाल, महावीर ऐरवाल, नरेंद्र ऐरवाल, मोनू ऐरवाल, कैलाश ऐरवाल, मनोज ऐरवाल, मांगीलाल ऐरवाल, श्रवण ऐरवाल, रमेश ऐरवाल, मुकेश ऐरवाल, कन्हैया लाल ऐरवाल, प्रभु लाल ऐरवाल, विनोद ऐरवाल, लाला राम ऐरवाल और जगदीश ऐरवाल सहित अनेक समाजबंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि संत रविदास जी की विचारधारा आज भी सामाजिक चेतना का मजबूत आधार बनी हुई है और उनकी जयंती को राजकीय मान्यता देने की मांग जन-आकांक्षाओं से गहराई से जुड़ी है।

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