भीलवाड़ा। राजस्थान के वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में इन दिनों निर्माण श्रमिकों की गाढ़ी कमाई पर साइबर ठगों की पैनी नजर है। सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का सब्जबाग दिखाकर भोले-भाले मजदूरों को लूटने वाला एक गिरोह सक्रिय हो गया है, जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। यह गिरोह श्रम विभाग के आधिकारिक डेटा में सेंध लगाकर श्रमिकों को अपना शिकार बना रहा है, जिसके बाद अब स्वयं श्रम विभाग को मोर्चा संभालते हुए जनता को आगाह करना पड़ा है।

जिले के निर्माण श्रमिकों के पास पिछले कुछ दिनों से संदिग्ध नंबरों (92511-91138, 93517-07334, 70141-27936) से कॉल आ रहे हैं। फोन करने वाले शातिर अपराधी स्वयं को श्रम विभाग भीलवाड़ा का अधिकारी या कार्मिक बताकर बात करते हैं। विश्वास पैदा करने के लिए ये ठग जनसूचना पोर्टल या विभागीय पोर्टल से आवेदनों की जानकारी चुराते हैं और हितग्राहियों को उनके आवेदन के स्क्रीनशॉट भेजकर यह भरोसा दिलाते हैं कि उनका काम उनके हाथ में है। इसके बाद, अटके हुए आवेदनों को स्वीकृत कराने या पेंडिंग फाइलों को पास करवाने के एवज में बड़ी धनराशि की मांग की जाती है। इस पूरे गोरखधंधे का खुलासा तब हुआ जब कुछ पीड़ितों ने इन ठगों के साथ हुई बातचीत की ऑडियो क्लिप विभाग को सौंपी, जिसमें अवैध वसूली की मांग साफ सुनी जा सकती है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रम विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। श्रम आयुक्त शिवदयन सोलंकी ने जिले के समस्त निर्माण श्रमिकों से भावुक और सचेत अपील करते हुए कहा है कि वे किसी भी सूरत में ऐसे प्रलोभनों के जाल में न फंसें। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रम विभाग की ओर से किसी भी आवेदन को स्वीकृत करने के लिए कभी भी फोन पर पैसों की मांग नहीं की जाती है। इस धोखाधड़ी के विरुद्ध श्रम विभाग द्वारा साइबर क्राइम पुलिस थाने में औपचारिक परिवाद दर्ज करवा दिया गया है, ताकि इन फर्जी नंबरों के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब किया जा सके।

श्रम आयुक्त शिवदयन सोलंकी ने श्रमिकों को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि यदि किसी के पास भी इस तरह के संदिग्ध कॉल आते हैं, तो वे तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने में इसकी सूचना दें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि योजनाओं से संबंधित किसी भी समस्या, संशय या जानकारी के लिए सीधे जिला कार्यालय उप श्रम आयुक्त से संपर्क करें और बिचौलियों या अज्ञात फोन कॉल करने वालों पर कतई भरोसा न करें। इस घटना ने एक बार फिर डिजिटल सुरक्षा और सरकारी डेटा की गोपनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं विभाग की इस सक्रियता से उम्मीद जगी है कि श्रमिकों के हक पर डाका डालने वाले जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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