भीलवाड़ा में मनरेगा के वजूद को बचाने उतरी कांग्रेस: 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के जरिए केंद्र के खिलाफ आर-पार की जंग का शंखनाद
भीलवाड़ा में कांग्रेस ने 'मनरेगा बचाओ संग्राम' जनआंदोलन का ऐलान कर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिलाध्यक्ष रामलाल जाट के नेतृत्व में 10 जनवरी से प्रेस कॉन्फ्रेंस, उपवास और कलेक्ट्रेट घेराव जैसे कार्यक्रमों के जरिए मनरेगा कानून में बदलाव का कड़ा विरोध किया जाएगा। ग्रामीण रोजगार के अधिकार को बचाने के लिए कांग्रेस अब सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी।

भीलवाड़ा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले मनरेगा कानून में संभावित बदलावों की आहट ने राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। भीलवाड़ा जिले में कांग्रेस ने इसे गरीब और मजदूर की आजीविका पर सीधा प्रहार करार देते हुए 'मनरेगा बचाओ संग्राम' जनआंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष (देहात) रामलाल जाट के नेतृत्व में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी ने रणनीति साझा करते हुए साफ कर दिया कि सड़क से लेकर संसद तक इस हक की लड़ाई को मजबूती से लड़ा जाएगा। कांग्रेस का मानना है कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित यह बदलाव ग्रामीण भारत की आजीविका की सुरक्षा को कमजोर करने का प्रयास है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आंदोलन की रूपरेखा और भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए शंकर लाल गाडरी ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के लिए काम के अधिकार की गारंटी है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के मार्गदर्शन में शुरू होने जा रहा यह आंदोलन 10 जनवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ औपचारिक रूप से शुरू होगा। इसके बाद 12 जनवरी को लोकतंत्र के सजग प्रहरी के रूप में कांग्रेसी कार्यकर्ता और पदाधिकारी रेलवे स्टेशन स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सर्किल पर सुबह से शाम तक एक दिवसीय उपवास रखेंगे। यह उपवास न केवल विरोध का प्रतीक होगा, बल्कि संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के प्रति संकल्प को भी दोहराएगा।
आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर व्यापक योजना तैयार की है। 12 से 20 जनवरी के बीच जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में चौपालें लगाई जाएंगी और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संदेश पत्रों को घर-घर पहुंचाया जाएगा ताकि श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके। 30 जनवरी 2026 को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर सभी ब्लॉक कार्यालयों में शांतिपूर्ण धरने दिए जाएंगे, जहां अहिंसा और संवैधानिक मूल्यों पर विमर्श होगा। इसके उपरांत 31 जनवरी से 6 फरवरी तक कलेक्ट्रेट के समक्ष विशाल प्रदर्शनों का दौर चलेगा, जो प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार तक जनता की नाराजगी पहुंचाएगा।
इस निर्णायक बैठक में कांग्रेस की सांगठनिक शक्ति पूरी एकजुटता के साथ नजर आई। कार्यक्रम में अक्षय त्रिपाठी, गायत्री त्रिवेदी, ओम नरानीवाल, राजेंद्र त्रिवेदी, मनीष मेवाड़ा, दुगेश शर्मा, हैप्पी बना, विभा माधुर, गोवर्धन गुर्जर, सुशीला सालवी, चेतन डिडवानिया, रणदीप त्रिवेदी, अविनाश शर्मा, योगेश सोनी, अर्चना दुबे, हरफूल जाट, फरियाद मोहम्मद, चंद्र प्रकाश अमरवाल, गणपत भोल, भैरू बैरवा, ओमप्रकाश तेली, राजू डीडवानिया और डॉ. रमेश सामरिया सहित भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लेकर आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया। महेश सोनी द्वारा संचालित इस बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भीलवाड़ा अब ग्रामीण रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस के संघर्ष का मुख्य केंद्र बनने जा रहा है।

Pratahkal Bureau
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