भीलवाड़ा: कांग्रेस ने महिला आरक्षण और पंचायती राज पर केंद्र को घेरा
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को तत्काल लागू करने और ओबीसी महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की मांग उठाई।

भीलवाड़ा सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान एआईसीसी राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर, जिला प्रभारी नसीम अख्तर इंसाफ़ और जिलाध्यक्ष शिवराम खटीक अन्य पदाधिकारियों के साथ।
भीलवाड़ा। जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा (शहर) द्वारा सर्किट हाउस, भीलवाड़ा में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने वर्तमान राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण, महिला आरक्षण एवं पंचायती राज व्यवस्था पर अपना स्पष्ट और तथ्य आधारित पक्ष रखा।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए धीरज गुर्जर, राष्ट्रीय सचिव, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा देशभर में झूठ और भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि कांग्रेस पार्टी तथ्यों के आधार पर जनता के सामने सच्चाई रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल का दिन देश में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के रूप में मनाया जाता है और इसी दिन वर्ष 1993 में 73वां संविधान संशोधन लागू हुआ था, जिसने देश में पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया। यह ऐतिहासिक कदम पी. वी. नरसिंह राव के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान उठाया गया, जिसके माध्यम से गांव स्तर पर लोकतंत्र को सशक्त बनाया गया। इस संशोधन के तहत पंचायतों में कम से कम 33 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया गया, जिससे देशभर में लाखों महिलाएं पहली बार राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनीं। वर्तमान में कई राज्यों में यह आरक्षण बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक किया जा चुका है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी श्रीमती नसीम अख्तर इंसाफ़ ने महिला आरक्षण पर कांग्रेस का पक्ष तथ्य सहित प्रस्तुत करते हुए कहा कि देश में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी अभी भी सीमित है और लोकसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व लगभग 14–15 प्रतिशत के आसपास है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में संसद द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया गया, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है, किन्तु इसे तत्काल लागू नहीं किया गया है। इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़ दिए जाने के कारण इसका क्रियान्वयन अनिश्चित समय तक टल सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का मत है कि महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए तथा इसमें ओबीसी महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि यह केवल घोषणा न रहकर जमीनी हकीकत बने। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि पार्टी लंबे समय से महिला आरक्षण की पक्षधर रही है और वर्ष 2010 में राज्यसभा में विधेयक पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें सोनिया गांधी का नेतृत्व प्रमुख रहा।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने हमेशा कार्य करके दिखाने की राजनीति की है, जबकि भारतीय जनता पार्टी पर बड़े दावे करने और क्रियान्वयन में देरी के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंचायतों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर कांग्रेस ने वास्तविक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त किया, जबकि वर्तमान में कई महत्वपूर्ण फैसलों में देरी और उलझन देखने को मिलती है।
इस अवसर पर नसीम अख्तर इंसाफ़ ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों से महिलाएं, किसान और युवा प्रभावित हो रहे हैं। वहीं शिवराम जी.पी. खटीक, अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी, भीलवाड़ा शहर ने मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सच्चाई को सामने लाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
प्रेस वार्ता में पूर्व सभापति मंजू पोखरना, पीसीसी सदस्य राजेश चौधरी, पीसीसी सदस्य मोहम्मद याकूब, पीसीसी सदस्य मनोज पालीवाल, महिला कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष रेखा हिरण, अनिता पहाडिया, योगिता सुराणा, दीपमाला लोट, कुणाल ओझा, नवरत्न जैन, सत्यवीर सिंह, मोहम्मद हारून रंगरेज, गोपाल खटीक सहित कांग्रेस पार्टी के अन्य नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
नेताओं ने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं के अधिकार, सम्मान और समान भागीदारी के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरंतर संघर्ष करती रहेगी।

Pratahkal Bureau
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